पटना, विवेक पांडे : बिहार में नवाचार, कौशल विकास और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने आज आईआईटी पटना, फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) बिहटा और हीरो साइकिल्स लिमिटेड की बिहटा इकाई का दौरा किया।

आईआईटी पटना : स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती
सचिव ने आईआईटी पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर का निरीक्षण किया और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप व इनोवेशन इकोसिस्टम की समीक्षा की। उन्होंने पीसीबी डेवलपमेंट लैब, टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैब, मैकेनिकल लैब, क्लीन रूम और बायोनेस्ट लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का दौरा किया। इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के फाउंडर्स से सीधी बातचीत कर उनके उद्यमशील सफर और उत्पादों को जाना। टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप-टेक क्षेत्रों में हो रही प्रगति की सराहना की।
आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह और इन्क्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर के साथ उद्योग-अकादमिक सहयोग, इनोवेशन सपोर्ट सिस्टम और स्टार्टअप ग्रोथ को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
एफडीडीआई बिहटा : स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
एफडीडीआई बिहटा में श्री कुंदन कुमार ने कौशल विकास और विनिर्माण उत्कृष्टता पर बिहार के मजबूत फोकस को दोहराया। अधिकारियों से उत्पाद निर्माण और उद्योग प्रथाओं पर चर्चा की, छात्रों के प्रेजेंटेशन देखे और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने वर्कशॉप और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग को उद्योग के लिए तैयार करने और युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाने में अहम बताया।
उद्योग विभाग जल्द ही लेदर फुटवियर एक्सेसरीज पार्क स्थापित करने जा रहा है, जो बिहार के विनिर्माण इकोसिस्टम को और मजबूती देगा।
हीरो साइकिल्स यूनिट : 500 रोजगार के अवसर
बिहटा में 7 एकड़ में फैली हीरो साइकिल्स लिमिटेड की यूनिट का दौरा कर सचिव ने परिचालन, उत्पादन प्रक्रियाओं और दक्षता की व्यापक समीक्षा की। यह इकाई लगभग 500 रोजगार के अवसर पैदा कर रही है और बिहार को पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभारने में योगदान दे रही है। प्रबंधन के साथ चुनौतियों, विकास के अवसरों और यूनिट की पूरी क्षमता का उपयोग करने पर चर्चा की।
‘इनोवेशन-स्किल-इंडस्ट्री से तेज विकास’
यह दौरा बिहार की तेज विकास यात्रा को दर्शाता है जो इनोवेशन से संचालित, कौशल से सशक्त और मजबूत औद्योगिक विकास से संबलित है। रणनीतिक प्रयासों से राज्य स्टार्टअप, विनिर्माण और भविष्य के उद्यमों का हब बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
