पटना, विक्रम कुमार : बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि किसी भी समाज का विकास तब तक संभव नहीं है, जबतक उस समाज की महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से न जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बिहार में महिलाओं को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कानून बनाए हैं। साथ ही, कई योजनाएं शुरू की हैं। इसका परिणाम है कि आज हर क्षेत्र में बिहार की महिलाएं सफलता की नई दास्तां लिख रही हैं। मदन सहनी रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 के अवसर पर राजधानी के ज्ञान भवन में समाज कल्याण विभाग के महिला एवं बाल विकास निगम के स्तर से आयोजित “सशक्त महिला- समृद्ध बिहार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री के साथ पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती रमा निषाद के अलावा समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी और महिला एवं बाल विकास निगम के निदेशक योगेश कुमार सागर समेत विभाग के कई अधिकारी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी। रमा निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अथक प्रयास से बिहार में अब हर तरफ महिला सशक्तिकरण का जोर दिखता है। चाहे वह पुलिस महकमा हो या शिक्षा विभाग।समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज में “सबसे वंचित महिला” तक पहुंचाना है।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभाग के स्तर से चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से महिलाओं के विकास एवं उत्थान के लिए किए गए कार्यों को भी याद किया और कहा कि उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की खबर से बिहार की महिलाएं सबसे अधिक मर्माहत हैं।मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया। उन्होंने स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सामज की मुख्यधारा से जोड़ा है। इसके अलावा राज्य की 1.81 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला उद्यमी योजना के तहत दस-दस हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई है।
महिलाओं को किया सम्मानित
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी और पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती रमा निषाद ने राज्यभर की 10 वैसी सफल महिलाओं को बिहार अपराजिता सम्मान से सम्मानित किया, जिन्होंने लंबे संघर्ष के बाद समाज में अपना एक मुकाम हासिल किया है। सम्मानित होने वाली महिलाओं में पटना के बाढ़ अनुमंडल की अनुमंडलाधिकारी व वर्ष 2023 बैच की महिला आईएएस अधिकारी सुश्री गरिमा लोहिया भी शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री मदन सहनी ने क्षेत्रीय स्तर की महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों के ऑनलाइन संग्रह “बिहार शक्ति पोर्टल” की लॉन्चिंग के साथ बाल विवाह उन्मूलन के लिए गाइड का विमोचन किया।
वन स्टॉप सेंटर और पिंक बस की शुरुआत की
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने हरी झंडी दिखाकर पिंक बस सेवा की भी शुरुआत की। साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 11 अतिरिक्त वन स्टॉप सेंटर का भी रिमोट के जरीये उद्घाटन किया। बता दें कि राज्य में फिलहाल कुल 39 वन स्टॉप सेंटर पूर्व से कार्यरत हैं। इन वन स्टॉप सेंटर पर महिलाओं से समबन्धित सभी तरह की शिकायतों को दर्ज कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता है। साथ ही, यहां महिलाओं के स्कील डेवलपमेंट की भी व्यवस्था की गई है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
बिहार अपराजिता सम्मान से सम्मानित महिलाएं,रितिका, पूजा कुमारी दोनों पटना से काजल कुमारी (शिवहर), अलीशा (अररिया), कंचन कुमारी (वैशाली), अमृता कुमारी व पूजा कुमारी (दोनों बांका), ब्यूटी कुमारी (सुपौल), रौशनी परवीन (किशनगंज) और महिला आईएएस अधिकारी व बाढ़ अनुमंडल की अनुमंडलाधिकारी सुश्री गरिमा लोहिया।
