पटना, अजित। फुलवारी शरीफ के मनोहरपुर कछुआरा स्थित महादलित टोले में शनिवार को आयोजित जनसभा में दर्जनों महिलाओं ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को दिल्ली भेजे जाने का विरोध करते हुए उनकी तत्काल बिहार वापसी की मांग की. सभा के दौरान महिलाओं ने “नीतिश कुमार वापस आओ” के नारे लगाए और कहा कि अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो वे सड़क पर उतरकर व्यापक धरना-प्रदर्शन करेंगी.
सभा में प्रतिमा देवी की अगुवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं. महिलाओं ने कहा कि नीतिश कुमार के शासनकाल में गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू हुईं, जिससे उनके जीवन में बदलाव आया. हर घर नल-जल योजना, बेहतर राशन वितरण व्यवस्था, जीविका समूहों को आर्थिक सहायता और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचा और गरीब परिवारों को राहत मिली।
महिलाओं ने कहा कि नीतिश कुमार के राज में कानून व्यवस्था बेहतर थी और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती थीं. कई महिलाओं ने कहा कि “नीतिश कुमार के शासन में हम लोग रात 12 बजे भी कहीं से घूमकर घर आ सकते थे. महिलाओं को डर नहीं लगता था और माहौल अच्छा रहता था.” सभा में महिलाओं ने यह भी कहा कि उन्होंने नीतिश कुमार के नाम पर ही वोट दिया था. “हम लोगों ने नीतिश कुमार के नाम पर वोट दिया और उन्हीं पर भरोसा किया. अब वह किस परेशानी में या किसके दबाव में दिल्ली जा रहे हैं, यह हम लोगों को समझ में नहीं आ रहा है.” महिलाओं ने कहा कि वे गरीब जरूर हैं
लेकिन नीतिश कुमार के शासन में उनके जीवन में विकास हुआ और कई सुविधाएं गांव तक पहुंचीं। महिलाओं का कहना था कि नीतिश कुमार के समय गांव का माहौल बेहतर हुआ, युवाओं को काम मिला और कई लोगों को रोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी मिली. जीविका समूहों और अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों की आय बढ़ी और लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला.
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलने और दबाव बनाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन रहा है. उनका कहना था कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो गुंडाराज बढ़ जाएगा और गरीबों व महिलाओं की परेशानियां और बढ़ेंगी। प्रदर्शन में शारदा देवी, सीमा देवी, रंगिया देवी, चुलबुल देवी, संजू देवी, रंजू देवी, चंपा देवी, उषा देवी और सरबतिया देवी सहित कई महिलाएं मौजूद थीं. सभा के अंत में महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे शांतिपूर्ण लेकिन बड़े स्तर पर धरना और विरोध-प्रदर्शन करेंगी।
