बेगूसराय, गौरव भारद्वाज : Indian Oil Corporation Limited (आईओसीएल) के पदाधिकारियों एवं मजदूरों के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न बिंदुओं पर हुई वार्ता के क्रम में आज दिनांक 02 मार्च 2026 को दिनकर हॉल, आईओसीएल में पूर्व बैठक के अनुपालन तथा अन्य संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री, पुलिस अधीक्षक बेगूसराय मनीष सहित कार्यपालक निदेशक (ईडी), आईओसीएल, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कार्यपालक निदेशक, आईओसीएल द्वारा जिला पदाधिकारी को अवगत कराया गया कि पूर्व बैठक में मजदूरों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है तथा संबंधित मजदूरों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है एवं कई मजदूरों को भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन का बैंक हस्तांतरण के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। ओवरटाइम का भुगतान, साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था, वैधानिक देयताओं जैसे पीएफ, ईएसआई एवं बोनस आदि की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके अतिरिक्त श्रमिकों की शिकायतों के समाधान हेतु समिति का गठन कर समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था लागू की गई है तथा कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाओं की निगरानी एवं अनुपालन को भी सुदृढ़ किया गया है।
साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि कुछ मजदूरों द्वारा दिनांक 06 मार्च 2026 को धरना-प्रदर्शन आयोजित करने संबंधी ज्ञापन समर्पित किया गया है। इस संदर्भ में संभावित विधि-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने तथा आईओसीएल की महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील संरचनाओं को संभावित क्षति पहुंचने की आशंका पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा विधि-व्यवस्था संधारण एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवश्यक सतर्कता बरतते हुए विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही मजदूरों की मांगों के नियमसंगत एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु कार्यपालक निदेशक, आईओसीएल को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।जिला पदाधिकारी ने यह भी कहा कि बिना तथ्यों की पूर्ण जानकारी के दिग्भ्रमित होकर धरना-प्रदर्शन या कार्य बाधित करने से जिले की विकास गति प्रभावित होती है तथा औद्योगिक वातावरण एवं जिले की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आपसी समन्वय एवं संवाद बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण वातावरण कायम रखने तथा किसी भी प्रकार की अवांछित स्थिति से बचने की अपील की।
