बिहार

बेगूसराय में जिलाधिकारी ने रेफरल अस्पताल और स्कूल का किया निरीक्षण, दिए निर्देश

बेगूसराय, गौरव भारद्वाज : जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्रीकांत शास्त्री द्वारा रेफरल अस्पताल, मंझौल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सर्वप्रथम ओपीडी काउंटर पर पहुंचकर मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया, प्रतीक्षा व्यवस्था तथा चिकित्सकीय परामर्श की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने उपस्थित मरीजों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।

जिला पदाधिकारी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, वार्डों की स्वच्छता, शौचालयों की स्थिति एवं पेयजल व्यवस्था की गहन जांच की। उन्होंने दवा भंडार कक्ष का निरीक्षण करते हुए आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता, एक्सपायरी तिथि की जांच तथा स्टॉक रजिस्टर के संधारण की समीक्षा की , साथ ही उपलब्ध उपकरणों, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, बेड एवं अन्य जीवन रक्षक संसाधनों की स्थिति का आकलन करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी उपकरण क्रियाशील अवस्था में रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल पूर्णतः तैयार रहे।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी समय पर उपस्थित रहें, मरीजों के साथ संवेदनशील एवं शिष्ट व्यवहार करें तथा सरकारी योजनाओं के तहत उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। साथ ही, सभी अभिलेखों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

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निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा बेगूसराय सदर प्रखंड अंतर्गत राजकीयकृत आदर्श मध्य विद्यालय, कोरिया का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। विद्यालय परिसर में पहुंचकर उन्होंने कक्षों की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य की गुणवत्ता तथा पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्रों से प्रश्न पूछे और उनकी शैक्षणिक समझ का आकलन किया।

जिला पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम किया जाए तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने तथा सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा आमजन से सीधे जुड़ी प्राथमिक सेवाएं हैं, जिनकी गुणवत्ता में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुलभ सेवाएं प्राप्त हो सकें।

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