पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) जिलान्तर्गत खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति हेतु आज दिनांक 28.03.2025 को जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा 23 चलंत चापाकल मरम्मति दलों को पटना समाहरणालय से सभी प्रखंडों के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सभी प्रखण्डों में ये दल कार्यरत रहेंगे, जिसके लिए रोस्टर तैयार कर कार्यालय-आदेश निर्गत किया गया है।
गर्मी को देखते हुए विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम में अत्यधिक तापमान और भू-जल स्तर में गिरावट के कारण पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मार्च के प्रथम सप्ताह से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो।
इस विशेष अभियान के तहत 23 चलंत चापाकल मरम्मति दलों को रवाना किया गया, जो 309 पंचायतों में घूम-घूमकर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करेंगे। इसके लिए पंचायतों के जनप्रतिनिधियों से भी खराब चापाकलों की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही, आम जनता भी टोल-फ्री नंबर एवं जिला नियंत्रण कक्ष में सूचना देकर मरम्मत के लिए आवेदन कर सकती है।
51,000 में से 6,908 चापाकलों की होगी मरम्मत
जिलाधिकारी के अनुसार, पूरे जिले में 51,000 चापाकल हैं, जिनमें से 6,908 चापाकलों की मरम्मत कराई जाएगी। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर खराब चापाकलों की सूची प्राप्त करें और शीघ्र मरम्मत कराएं।
मरम्मत कार्य की होगी सख्त निगरानी
जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पूर्व एवं पटना पश्चिम को निर्देश दिया है कि मरम्मत के बाद सभी चापाकलों का सोशल सर्टिफिकेशन एवं स्थानीय लाभार्थियों से सत्यापन कराया जाए। साथ ही, जनता से फीडबैक भी लिया जाएगा।
शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
पेयजल समस्या एवं चापाकल मरम्मति से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पूर्व: 0612-2225796
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पश्चिम: 0612-2280879
टोल-फ्री नंबर: 18001231121, 155367, 18003451121 (समय: सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक)
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पूरे जिले में एक भी चापाकल खराब न रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी के साथ लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, पटना पूर्व एवं पश्चिम के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
