फुलवारी शरीफ, अजित ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य मुस्लिम संगठनों ने 26 मार्च को पटना में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है.यह प्रदर्शन वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ होगा, जिसे मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और धार्मिक संपत्तियों के लिए खतरा बताया जा रहा है.इस विरोध प्रदर्शन में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, ईमारत-ए-शरीया, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जमात-ए-इस्लामी सहित कई प्रमुख संगठन शामिल होंगे. धार्मिक नेताओं का कहना है कि अगर यह बिल पास हुआ, तो इसका विरोध राष्ट्रीय स्तर पर तेज किया जाएगा.धार्मिक नेताओं ने इस मुद्दे पर बीजेपी की सहयोगी पार्टियों, जैसे जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी, तेलुगु देशम पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल से अपील की है कि वे इस बिल का समर्थन वापस लें और मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का सम्मान करें.
मुस्लिम संगठनों का कहना है कि सरकार इस बिल के जरिए वक्फ संपत्तियों पर कब्जा जमाने और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बना रही है. उनका दावा है कि बिल का मकसद पारदर्शिता लाना नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेना और धार्मिक संस्थानों पर कार्रवाई का रास्ता साफ करना है.
