अच्छे कर्मों से मिलती है सुख-शांति एवं निरोगी काया : स्वामी विपिन बाबा

अररिया(रंजीत ठाकुर): मानव जाति का भविष्य अपने किये गए कर्मों के आधार पर तय होता है। अच्छे कर्म करने वाले लोगों का जीवन काल सुखमय शांतिमय एवं निरोगमय व्यतीत होता है तथा बुरे काम करने वाले लोगों का जीवन दुःखमय अशांत तथा रोग भय होता है। उपरोक्त बातें नरपतगंज प्रखंड के अंचरा पंचायत के लक्ष्मीपुर स्थित स्थित वार्ड संख्या दस में फारबिसगंज कॉलेज फारबिसगंज के सेवानिवृत्त कर्मचारी रमेश प्रसाद सिंह के आवास पर आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग समारोह में महर्षि मेंही धाम केनगर गोकुलपुर से पधारे संत स्वामी विपिन बाबा ने मंगलवार को अपने प्रवचन में कही। उन्होंने कहा कि बुरे कर्म करने वाले लोगों को नर्क की प्राप्ति होती है जबकि स्वर्ग की प्राप्ति अच्छे कर्मों से होती है। बुरे कर्मों का प्रायश्चित माता पिता के निःस्वार्थ सेवा से होता है। बाबा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में उपदेश दिया कि मनुष्य के अंदर देवत्व रूपी बीज होता है जिसके आधार पर लौकिक एवं अलौकिक गुणों से मनुष्य को साक्षात्कार होता है इस शरीर को चलाने वाले शक्ति को लोग नहीं समझते किंतु अहंकार को ज्यादा महत्व देते हैं। कहा कि सूर्य चंद्रमा का उदय जनकल्याण के लिए होता है, संतों का उदय भी जन कल्याण के लिए होता है इसलिए संतों की वाणी को जीवन में उतारना अति आवश्यक है।सत्संग प्रेमियों को संबोधित करते हुए स्वामी विपिन बाबा ने सत्संग की महिमा बताते हुए कहा कि सत्संग में आने वाले हीं परमात्मा के कृपापात्र बनते हैं। सत्संग से ही जीव को वह ज्ञान प्राप्त होता है जिससे इस संसार के दुखों से छूट कर अंनत सुख को प्राप्त कर सकते हैं.

सत्संग-भजन करने वाले को जन्म मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है। इसके लिए सच्चे सदगुरू की शरण में जा कर उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। सच्चे सदगुरू परमात्मा से मिला देने वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति अपने अंदर में होगी इसके लिए गुरू से युक्ति जानकर भक्ति करनी चाहिए। इस अवसर पर स्थानीय – छात्राओं ने स्वागत गाण गाये। कार्यक्रम को लेकर भव्य पंडाल बनाया गया है। इस सत्संग समारोह में विभिन्न जगहों से भारी संख्या में सत्संग प्रेमियों ने भाग लिया है। इस सत्संग में स्थानीय सुबोध दास बाबा समेत कई अन्य संतो ने भी प्रवचन किया। इस अवसर पर बलदेव बाबा, जयनंदन बाबा, योगानंद दास बाबा, जगदीश बाबा, डॉ सत्यनारायण बाबा आदि ने भी प्रवचन किए।