फुलवारीशरीफ, अजित। फुलवारी शरीफ अनुमंडल के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक ही दिन तीन शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इनमें से एक शव की पहचान हो चुकी है, जबकि दो शव अब भी अज्ञात हैं और पुलिस उनकी शिनाख्त में जुटी हुई है। वहीं भीषण गर्मी और जानलेवा तपिश को देखते हुए इन मौतों के पीछे लू लगने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। मौसम विभाग लगातार लोगों को चेतावनी दे रहा है कि अत्यधिक गर्मी और तेज धूप के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इसके बावजूद गरीब मजदूर और भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले लोग पेट की भूख मिटाने के लिए तपती धूप में निकलने को मजबूर हैं, जिससे उनके जीवन पर खतरा बढ़ गया है। पहला मामला फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के खगौल लख स्थित नहर किनारे का है, जहां पुलिस ने एक व्यक्ति का शव लावारिस हालत में बरामद किया। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा गया है। दूसरी घटना गौरीचक थाना क्षेत्र के सोनाचक गांव की है, जहां करीब 65 वर्षीय एक अज्ञात वृद्ध का शव लावारिस अवस्था में मिला।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार करते हुए पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी पटना भेज दिया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है। तीसरा मामला पचरुखिया थाना क्षेत्र के चकसूरत गांव स्थित ग्रीन सिटी के पास का है, जहां एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची.
जांच में मृतक की पहचान शंकर साह, उम्र करीब 53 वर्ष, पिता नागेश्वर साह, निवासी कररा थाना घोसवारी, जिला पटना के रूप में हुई है। बताया जाता है कि शंकर साह चकसूरत स्थित ग्रीन सिटी में मजदूरी का काम करता था। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए एफएसएल टीम को बुलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि तीनों मृतक गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़े हुए थे। फुलवारी में मिला शव भिखारी का बताया जा रहा है, जबकि गौरीचक में भी एक असहाय वृद्ध की मौत हुई है। भीषण गर्मी और तेज धूप को देखते हुए लोगों के बीच यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन मौतों का संबंध लू या अत्यधिक तापमान से तो नहीं है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। लगातार मिल रहे लावारिस शवों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन गरीब और बेसहारा लोगों की सुरक्षा को लेकर, जो खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
