पटना, अजित। शनिवार की अहले सुबह बिहटा–सरमेरा फोरलेन एक बार फिर मौत का गवाह बना. पचरुखिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सैदनपुर गांव के पास, ओवरब्रिज के पूरब स्थित मशरूम फैक्ट्री के नजदीक मवेशी लदी एक पिकअप वैन तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई. टक्कर के बाद पिकअप असंतुलित होकर सड़क पर पलट गई, जिससे मौके पर ही कोहराम मच गया। इस भीषण हादसे में पशु व्यवसाय से जुड़े हरगौरी यादव (55 वर्ष) और उनके पुत्र वीरबल यादव (20 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. मृतक पिता-पुत्र देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के पुरनीसिधो गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जो दुधारू पशुओं को लेकर यात्रा पर निकले थे।
दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिकअप में लदी एक गाय और एक भैंस की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गाय और एक बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए. सड़क पर बिखरे मवेशी और क्षतिग्रस्त वाहन को देख लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे में पिकअप चालक कन्हैया कुमार (22 वर्ष) और मदन कुमार (38 वर्ष) भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों घायलों को नजदीकी निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वैन बक्सर से दुधारू पशुओं को लेकर देवघर की ओर जा रही थी. सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी. इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सूचना मिलते ही पचरुखिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया. पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटवाकर फोरलेन पर यातायात बहाल कराया. घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी गई है, जिसके बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि फरार अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है. मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है। इधर, स्थानीय लोगों ने बिहटा–सरमेरा फोरलेन पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए तेज रफ्तार वाहनों और भारी गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह सड़क यूं ही लोगों की जान लेती रहेगी।
