फुलवारीशरीफ, अजीत। पटना के फुलवारी शरीफ स्थित इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग बी.एड. कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह, गरिमा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका, उनके अधिकारों और सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित करना था. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी प्रतिभा और विचारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “गिव टू गेन ” पर विशेष चर्चा की गई. इस थीम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कार्य करने वाले संगठनों को सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराना, समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मान देना, उन्हें प्रोत्साहित करना तथा लैंगिक भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाना है. वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और अवसरों को सुनिश्चित करना समाज के संतुलित और समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षार्थियों ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर पोस्टर, चार्ट और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में रूबी नाज़, ज़ैनब, निवेदिता, प्रियंका, सादिया, रितिका, जूली, रश्मि, आस्था, अंजली, शालू, रोशनी, सिया, अध्यशा, वर्षा, पल्लवी, सोनिया, ममता, पूजा तथा राहुल ने स्लोगन लेखन, भाषण, पोस्टर प्रेजेंटेशन और रोल-प्ले के माध्यम से महिलाओं की उपलब्धियों, समाज में उनके योगदान और उनके अधिकारों पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए. छात्रों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रभावित किया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य आर के. अरुण ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण पर निर्भर करती है. उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत बनता है. उन्होंने शिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे महिलाओं के सम्मान और समान अधिकार के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास करें। कार्यक्रम में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ अली इमाम और सह-समन्वयक डॉ. मंजुला की उपस्थिति भी विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने भी छात्र-छात्राओं को महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षकों और शिक्षार्थियों की उपस्थिति रही, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और जागरूकता का माहौल बना रहा। कार्यक्रम का संचालन शीला सुमन और रेणुका रानी के मार्गदर्शन में किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावशाली ढंग से संचालित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।
