फुलवारीशरीफ, (न्यूज़ क्राइम 24) एम्स पटना के लिए गौरव की बात सामने आई है. बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा कुमारी सिंह को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा एम्स गोरखपुर की इंस्टीट्यूट बॉडी (आईबी) एवं गवर्निंग बॉडी (जीबी) का सदस्य मनोनीत किया गया है. उनके इस मनोनयन को चिकित्सा एवं शैक्षणिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बताया जाता है कि किसी भी एम्स संस्थान की इंस्टीट्यूट बॉडी सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई होती है. इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रतिष्ठित सदस्य शामिल रहते हैं. यह निकाय संस्थान के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों की रूपरेखा तय करने के साथ बजट स्वीकृति, उच्च स्तरीय नियुक्तियों और विभिन्न नीतिगत फैसलों की निगरानी करता है. ऐसे महत्वपूर्ण निकाय में शामिल किया जाना किसी भी चिकित्सक की विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण माना जाता है.
डॉ. वीणा कुमारी सिंह वर्तमान में एम्स पटना में सुपरस्पेशलिटी की डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पद पर भी कार्यरत हैं. उनके नेतृत्व में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने उपचार, शोध और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है. गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज और जटिल प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में उनके कार्यों को व्यापक सराहना मिली है।
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. वीणा कुमारी सिंह का अनुभव और प्रशासनिक दक्षता एम्स गोरखपुर के शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में सहायक साबित होगी. साथ ही उनके इस मनोनयन से देश के विभिन्न एम्स संस्थानों के बीच आपसी समन्वय, शोध कार्यों और चिकित्सा प्रशिक्षण को नई दिशा मिलने की संभावना है। एम्स पटना के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने डॉ. वीणा कुमारी सिंह को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए इसे संस्थान की प्रतिष्ठा में वृद्धि करने वाला कदम बताया है. चिकित्सा जगत में इसे बिहार और एम्स पटना के लिए सम्मानजनक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
