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दीघा में डॉक्टर और ड्राइवर के साथ हुई मारपीट की घटना से स्पष्ट होता है कि गृह मंत्री सम्राट चौधरी का आदेश भी बेअसर है…

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों पर कैसे कार्रवाई करेगी जब पुलिस ही डॉक्टर और ड्राइवर के साथ मारपीट करके आम लोगों को डराने का काम करेगी। इस तरह की पुलिसिया जुल्म से स्पष्ट होता है कि बिहार में गृह मंत्री सम्राट चौधरी का आदेश भी बेअसर है।

एजाज ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी के गृह मंत्रालय संभालने के बाद विभाग के द्वारा लगातार अलग-अलग आदेश निकाले जा रहे हैं और पुलिस मैनुअल के अनुसार कुछ दिनों पहले पुलिस मुख्यालय से आदेश निकाला गया था कि पुलिस पदाधिकारी आम नागरिकों के साथ अच्छा व्यवहरा करेंगे। और बिहार पुलिस नियमानुकूल कर्तव्यों का निर्वहण करेंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस आदेश से पुलिसकर्मियों का कोई लेना देना नहीं है और ना ही विभाग के द्वारा निकल गए आदेश का इन पुलिसकर्मियों पर असर दिख रहा है।

ज्ञात हो कि पटना में रविवार 07 दिसंबर, 2025 की रात दीघा में एक डॉक्टर और उनके ड्राइवर के साथ पुलिस ने मारपीट कर दी। यह घटना दीघा चेक पोस्ट के पास की है । इस घटना में एनएमसीएच के डॉक्टर बीएन चतुर्वेदी से बदसलूकी की गई और उनका कॉलर पकड़कर घसीटने का वीडियो फुटेज भी सामने आया है जो उनके ही चालक ने रिकॉर्ड किया है। जो जानकारी आई है उसके अनुसार, डॉक्टर बीएन चतुर्वेदी अपने ड्राइवर राजकुमार के साथ दीघा चेक पोस्ट क्रॉस कर रहे थे इसी दौरान गलत दिशा में एक ट्रक होने के कारण उनकी गाड़ी फंस गई‌ और उनके ड्राइवर ने ट्रक को पीछे करने के लिए बोला। इस दौरान वहां मौजूद एसआई उपेंद्र शाह से बहस हो गई और इसके बाद बात बढ़ गई। इसी क्रम में पुलिस ने ड्राइवर और डॉक्टर को पीटने का कार्य किया।

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मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि बिना घूस के थाना में कार्य होगा। लेकिन जिस तरह की घटना कल रात्रि में देखने को मिली उससे स्पष्ट हो गया की बिहार में भ्रष्टाचार को सदाचार और शिष्टाचार का रूप दे दिया गया है और पुलिस पदाधिकारी में कोई डर और भय का माहौल नहीं हैं। जिस तरह से पटना में भ्रष्टाचार के लिए डॉक्टर को पीटा गया उससे स्पष्ट हो गया की बिहार में कैसा राज चल रहा है। दीघा थाना के पुलिसकर्मियों के द्वारा की गई इस तरह की वारदात के संबंध में डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि ट्रक वाले से पुलिसकर्मी पैसा ले रहे थे, इस कारण रोड जाम की स्थिति बनी हुई थी,इसी को लेकर ड्राइवर कहने गया था । उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गाड़ी में 22 हजार रुपये थे जिसे पुलिस ने निकाल लिया और वहां मौके पर 6 पुलिसकर्मी मौजूद थे। जब बात बढ़ी तो सभी ने मिलकर डॉक्टर और ड्राइवर को पीटा। ड्राइवर ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे और मारा गया. उसका मोबाइल भी छीन लिया गया।

एजाज ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि जब पटना में इस तरह का पुलिसिया जुल्म और अत्याचार हो रहा है तो अन्य जिलों और स्थान पर क्या स्थिति होगी इससे ही समझा जा सकता है। बिहार में सरकार के अंदर बैठे हुए नेता और पदाधिकारी जब तक अपराध और अपराधियों को संरक्षण देते रहेंगे और पुलिसिया जुल्म और अत्याचार पर कार्रवाई नहीं होगी तो इस तरह की घटनाएं कहीं ना कहीं आम लोगों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों पर ही देखने को मिलेगी। इन्होंने अविलंब इस तरह की अत्याचार और लूट की घटनाओं में शामिल पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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