अररिया, रंजीत ठाकुर : जिले के भरगामा अंचल आरटीपीएस काउंटर में पदस्थापित कार्यपालक सहायक अजय कुमार रजक ने विगत 5 अगस्त 2025 को बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ (बेएसा) को एक लिखित आवेदन दिया है। लिखित शिकायत में उन्होंने बताया है कि वे 4 अगस्त को अपने कार्यालय में कर्तव्य पर ससमय उपस्थित होकर क्रमवद्ध तरीके आवेदकों का कार्यों का निष्पादन कर रहे थे। इस दौरान कक्ष में आईटी सहायक अमरनाथ झा भी उपस्थित थे। इसी क्रम में भरगामा प्रखंड विकास पदाधिकारी शशि भूषण सुमन अचानक कक्ष में आये और बिना पूछ-ताछ के उन्हें लप्पड-थप्पड से मार-पीट करने लगे।
आवेदन में कहा गया है कि उन्होंने अनुरोध पूर्वक बीडीओ से मारपीट का कारण जानने का प्रयास किया,कि मुझसे क्या गलती हुई है,तो बीडीओ के द्वारा आवेदक से रिश्वत लेकर काम करने का आरोप लगाया गया और उनके पॉकेट की तलाशी ली गई। शिकायती पत्र में कहा गया है कि उनके पक्ष सुने बिना उपस्थित आवेदक के सामने लप्पड़-थप्पड मारा गया एवं सबके सामने अपमानित किया गया। शिकायती पत्र में पीड़ित ने ये भी कहा है कि वे भरगामा प्रखंड विकास पदाधिकारी के इस कृत्य से काफी व्यथित एवं शर्मशार हैं,तथा मनसिक संत्रास की स्थिति में चला गया है।
बता दें कि पीड़ित कार्यपालक सहायक अजय कुमार रजक के लिखित शिकायत पर बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ जिला इकाई,अररिया के अध्यक्ष मनीष कुमार ठाकुर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने (बेएसा) कार्यालय के पत्रांक 01 के तहत 07 अगस्त को भरगामा बीडीओ के खिलाफ अररिया जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत किया है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि भरगामा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा अत्यंत,आपत्तिजनक, अशोभनीय, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया तथा शारीरिक रुप से थप्पड़ माारकर प्रताड़ित भी किया गया।
यह कृत्य न केवल शासकीय मर्यादा एवं सेवा शिष्टाचार का घोर उल्लंघन है,बल्कि विधिक दृष्टिकोण से भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। एक वरिष्ठ शासकीय पदाधिकारी द्वारा अधीनस्थ कर्मी के प्रति इस प्रकार का अभद्र,आक्रामक एवं अनुचित व्यवहार पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा एवं विश्वसनीयता को आघात पहुंचाता है और कार्यस्थल पर भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करता है जो किसी भी दृष्टिकोण से स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उक्त गंभीर घटना के परिप्रेक्ष्य में यह अपेक्षित है कि भरगामा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष,विस्तृत एवं उच्च स्तरीय जांच संपादित कराई जाए तथा दोष प्रमाणित होने की स्थिति में उनके विरुद्ध सेवा नियमों के अनुरुप कठोरात्मक अनुशासनात्मक एवं आवश्यकतानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,ताकि भविष्य में किसी भी शासकीय कर्मचारी के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार अथवा हिंसात्मक रवैया प्रदर्शित करने का दुस्साहस कोई न कर सके। आवेदन में कहा गया है कि इस घटना के बाद से अररिया जिला के सभी विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायक में काफी आक्रोश व्याप्त है। अध्यक्ष मनीष कुमार ठाकुर ने डीएम को अल्टीमेटल देते हुए कहा है कि जल्द से जल्द सकारात्मक पहल कर दोषी बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित किया जाय। कार्रवाई में देरी होने की स्थिति में बिहार राज्य कार्यपालक सेवा संघ,अररिया आन्दोलन को बाध्य होगी।
