बिहार

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की गोली

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) बच्चों में कृमि संक्रमण व्यक्तिगत अस्वच्छता तथा संक्रमित मिट्टी के संपर्क में आने से होता है। कृमि संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर एवं हेमोग्लोबिन स्तर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है जिससे बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास बाधित होता है। बच्चों को कृमि मुक्त करने हेतु पूर्णिया जिले में 04 मार्च को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत जिले के 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा का सेवन कराया गया। मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया और पूर्णिया पूर्व प्रखंड बीडीओ अमित आनंद द्वारा पूर्णिया पूर्व प्रखंड के मध्य विद्यालय प्रखंड मुख्यालय पूर्णिया पूर्व में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

इस दौरान पूर्णिया पूर्व प्रखंड के बीडीओ अमित आनंद और पूर्णिया सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया द्वारा विद्यालय में उपस्थित बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान पूर्णिया पूर्व प्रखंड के बीडीओ अमित आनंद ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस पर पूरे जिले में 0 से 19 वर्ष के बच्चों को कृमि से सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एल्बेंडाजोल की गोली का सेवन कराया जा रहा है। इसका सेवन करने से बच्चे भविष्य में कृमि ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकेंगे। मंगलवार को दवा सेवन से वंचित बच्चों को दवा सेवन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मॉपअप राउंड चलाकर अन्य बच्चों को दवा सेवन कराना सुनिश्चित कराया जाएगा जिससे बच्चे कृमि ग्रसित होने से सुरक्षित रह सके। इस दौरान डीसीएम संजय कुमार दिनकर, डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर, पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सिका पदाधिकारी डॉ शरद कुमार, बीएचएम विभव कुमार, बीसीएम बरखा रानी, विद्यालय प्रधानाध्यापक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी, विद्यालय शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जिले के 20 लाख से अधिक बच्चों को गोली खिलाने का है लक्ष्य :

सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल की गोली उम्र के अनुसार निर्धारित खुराक में खिलाई जा रही है। कार्यक्रम के तहत पूर्णिया जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालय सहित सभी तकनीकी संस्थाओं (पॉलटेक्टिक, आईटीआई आदि), गैर तकनीकी संस्थाओं एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई है। इसके लिए सभी संस्थाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल उपलब्ध कराई गई है। सभी संस्थाओं में शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी उपस्थिति में ही 01-19 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई है। किसी भी परिस्थिति में बच्चे अथवा उनके अभिभावकों को दवाई बाद में खाने या घर ले जाने हेतु नहीं दिया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि पूर्णिया जिले में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस पर जिले के 20 लाख से अधिक बच्चों को दवाई खिलाने के लक्ष्य रखा है।

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01 से 02 वर्ष के बच्चों को आधी और 02 वर्ष के अधिक उम्र के बच्चों को खिलाई जाएगी पूरी गोली :

डीसीएम संजय कुमार दिनकर ने बताया कि 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने के तकलीफ या कोई और बीमारी के लक्षण होंगे उन्हें कृमिनाशक दवा का सेवन नहीं कराया जाना है। पूर्व से भी किसी प्रकार के दवा का सेवन करने वाले बच्चों को भी दवा सेवन नहीं कराया जा रहा है। दवा सेवन करने वाले बच्चों को दवा लेने से पहले साबुन या हैंडवाश से हाथों की सफाई करने के बाद दवा सेवन करना है। 01 से 02 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली चुरा बनाकर पानी में मिलाकर खिलाया जाना है। 02 वर्ष से 03 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की एक गोली चुरा बनाकर पानी में मिलाकर खिलाया जाएगा। 03 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाया जा रहा है। बिना चुरा किए चबाकर खाए गए एल्बेंडाजोल की गोली का प्रभाव ज्यादा होता है।

सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपस्थित बच्चों को शिक्षकों द्वारा खिलाई गई गोली :

पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सिका पदाधिकारी डॉ शरद कुमार ने कहा कि सभी बच्चों को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपस्थित शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में दवा का सेवन कराई गई है। इसके लिए सभी अंतर्विभागों (शिक्षा, समाज कल्याण, जीविका, पंचायती राज, विज्ञान एवं प्रद्योगिकी तथा स्वास्थ्य विभाग) द्वारा समन्यवक स्थापित कर संबंधित शिक्षकों और कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। सभी शिक्षकों के प्रशिक्षण के साथ साथ समुदाय स्तर पर भी लोगों को कृमिमुक्ति हेतु दवा सेवन के लिए जागरूक किया जा रहा है जिससे कि सभी बच्चे दवा सेवन कर स्वयं को कृमि से सुरक्षित कर सकें।

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