बिहार

बीएमडब्लू वेंचर पूर्णिया द्वारा निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों को उपलब्ध कराया गया फूड पैकेट्स

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) टीबी ग्रसित मरीजों को चिकित्सकीय उपचार के दौरान पोषण सुविधा में सहयोग प्रदान करने के लिए शुक्रवार को जिला यक्ष्मा केंद्र में प्राइवेट संस्था बीएमडब्ल्यू वेंचर पूर्णिया द्वारा निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत पोषण आहार (फूड पैकेट्स) का वितरण किया गया। बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत जिले के 100 टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेते हुए टीबी उपचार के दौरान पोषाहार सुविधा उपलब्ध कराने की शुरुआत की गई। बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा शुक्रवार को जिले के 100 टीबी ग्रसित मरीजों को सहयोग के लिए पोषण आहार सुविधा का वितरण किया गया।

इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल, जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास और बीएमडब्ल्यू वेंचर के प्रतिनिधि आशीष मिश्रा द्वारा उपस्थित टीबी ग्रसित मरीजों को जल्द टीबी से सुरक्षा के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा के साथ साथ पोषाहार का विशेष ध्यान रखने के लिए पोषण सामग्री उपलब्ध कराई गई। बीएमडब्ल्यू वेंचर द्वारा सभी 100 टीबी ग्रसित मरीजों को उपचार के दौरान पोषण का ध्यान रखने के लिए फूड पैकेट्स सुविधा उपलब्ध कराई गई। फूड पैकेट्स में सभी टीबी ग्रसित मरीजों के लिए चावल, आटा, चना, बादाम, मूंग दाल, मसूर दाल सरसों तेल और आलू उपलब्ध कराई गई जिसका उपयोग करते हुए टीबी ग्रसित मरीज जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित होते हुए सामान्य जीवन का लाभ उठा सकें।

बीएमडब्ल्यू वेंचर के प्रतिनिधि आशीष कुमार ने कहा कि समय पर दवाई के साथ साथ आवश्यक पोषण सुविधा का लाभ उठाने पर टीबी ग्रसित मरीज बहुत जल्द टीबी से सुरक्षित हो सकते हैं। बीएमडब्ल्यू वेंचर संस्था द्वारा पहले प्रयास में जिले के 100 टीबी ग्रसित मरीज को निक्षय मित्र योजना के तहत गोद लेकर फुड पैकेट्स उपलब्ध कराई गई है। संस्था द्वारा आगे भी टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेते हुए उपचार के दौरान सहयोग हेतु फूड पैकेट्स सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि मरीज जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित हो सकें। इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल, जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास, जिला टीबी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार, डीपीएस राजेश शर्मा, डब्लूएचओ कंसल्टेंट डॉ इश्फाक, जिला टीबी कन्सल्टेंट राजनाथ झा, प्रशांत कुमार, एसटीएस अनिलानंद झा, राकेश कुमार सिंह, ममता कुमारी, नूर अफ्शा, धीरज कुमार, निधि कुमारी, एसटीएलएस अखिलेश झा, दिलीप सिंह, टीबी चैंपियन मनेंद्र कुमार, साक्षी गुप्ता, लैब टेक्नीशियन रंजीत कुमार और अन्य यक्ष्मा कर्मी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी रोगियों की सहायता के लिए निक्षय मित्र बनें सामान्य लोग : डॉ आर पी मंडल

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प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आर पी मंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी ग्रसित मरीजों की सहायता करते हुए ग्रसित मरीजों को टीबी बीमारी से सुरक्षित करने के लिए निक्षय मित्र योजना चलाया जा रहा है। निक्षय मित्र योजना के तहत किसी भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, गैर सरकारी संस्थान, कॉरपोरेट संस्थान द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को गोद लेते हुए उपचार के दौरान सहयोग के लिए पोषण सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग किया जा सकता है। इससे टीबी ग्रसित मरीजों को अस्पताल से चिकित्सकीय उपचार साथ साथ निक्षय मित्र के सहयोग से उपचार के दौरान आवश्यक पोषाहार सुविधा उपलब्ध कराया जा सकता है।

इससे संबंधित मरीज बहुत जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित होते हुए सामान्य जीवनयापन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। किसी भी सामान्य व्यक्ति या संस्था द्वारा अपने क्षेत्र के टीबी ग्रसित मरीजों की पोषण में सहायता के लिए निक्षय संपर्क हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6666 (टोल फ्री) से संपर्क करना चाहिए जिससे कि टीबी ग्रसित मरीजों को आवश्यक पोषण सहायता उपलब्ध हो सके। सभी टीबी मरीजों को आवश्यक उपचार और पोषण सहायता उपलब्ध होने से भारत बहुत जल्द टीबी मुक्त हो सकेगा और लोग सामान्य जीवन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

पूर्णिया जिले में अबतक 113 निक्षय मित्र द्वारा टीबी रोगियों को उपलब्ध कराया गया है पोषण आहार : सीडीओ

जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि वर्तमान समय तक पूर्णिया जिले में 113 निक्षय मित्र द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पोषण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी निक्षय मित्र द्वारा पूर्णिया जिले में अभी तक 01 हजार 282 फुड पैकेट्स का वितरण टीबी ग्रसित मरीजों को उपलब्ध कराई गई है। फूड पैकेट्स द्वारा आवश्यक पोषण उपलब्ध होने से टीबी ग्रसित मरीजों द्वारा उपचार के दौरान आवश्यक पोषाहार का भरपूर उपयोग किया जाता है जिससे ग्रसित मरीज बहुत जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित हो रहे हैं। अन्य लोगों को भी निक्षय मित्र बनते हुए अन्य टीबी ग्रसित मरीजों को पोषण सुविधा उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग प्रदान करना चाहिए जिससे कि सभी टीबी ग्रसित मरीज बहुत जल्द स्वस्थ हो सकें और भारत टीबी मुक्त हो सके।

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