बदहाल ओपन जिम की मशीनों से हादसों का खतरा

&NewLine;<p><br>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर &colon; सरकार के द्वारा विभिन्न गावों में लगाए गए ओपन जिम देखरेख और मेंटेनेंस की कमी के कारण अब कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। बुधवार को बिहार जागरण टीम ने भरगामा प्रखंड क्षेत्र के हरिपुरकला&comma;विषहरिया&comma;नया भरगामा&comma; धनेश्वरी&comma;वीरनगर पश्चिम&comma;रघुनाथपुर दक्षिण&comma;वीरनगर पूरब&comma; खजुरी&comma;सिरसिया हनुमानगंज&comma;खुटहा बैजनाथपुर&comma; जयनगर&comma; सिमरबनी&comma;शंकरपुर&comma;मनुल्लाहपट्टी&comma;आदि रामपुर&comma; भरगामा&comma; पैकपार&comma;रघुनाथपुर उत्तर&comma;सिरसियाकला&comma;कुसमौल पंचायतों के विभिन्न विद्यालयों और पंचायत भवन परिसर की पड़ताल की तो वहां लगे हुए ओपन जिम बदहाल स्थिति में नजर आया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज्यादातर ओपन जिम उपकरण के नट-बोल्ट टुटा हुआ दिखा। इस दौरान ग्रामीणों का आरोप था कि जिस समय जिम का उपकरण लगाया गया उसके कुछ दिन बाद हीं यह टूट गया&comma;लेकिन अबतक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है ना हीं आजतक इसे कोई देखने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस समय यह ओपन जिम लगाया गया&comma;अगर उस समय इसकी गुणवत्ता की सही से जांच होती तो आज इसका फायदा बच्चे और ग्रामीणों को होता। लोगों का कहना है कि ओपन जिम लगाने वाले एजेंसी के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी घटिया क्वालिटी के जिम लगाकर मालामाल हो गए। लोग कहते हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब इस जिम का फायदा नहीं मिल रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरतलब है कि वर्ष 2022 नवंबर से पहले एजेंसी के माध्यम से खुले बाजार में ओपन जिम के उपकरण की खरीदारी की जाती थी। इसके बाद विभाग उसपर पाबंदी लगाते हुए 2022 के नवंबर माह में जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदारी का निर्देश दिया। लेकिन पत्र जारी होते हीं आनन फानन में कई पंचायतों के मुखियाओं द्वारा खुले बाजार से बैक डेट में इसकी खरीदारी कर ली। जिसके कारण 15वीं वित्त योजना से लगाया गया घटिया जिम उपकरण कुछ हीं महीने में कबाड़ बन गया। बताया जाता है कि बगैर टेंडर के प्रखंड क्षेत्र के कथित सप्लायर ने विभाग की सांठगांठ से घटिया उपकरण लगाया है। इसकी जांच होने पर बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि एक ओपन जिम के उपकरण की खरीददारी पर 4 से 5 लाख तक की धनराशि खर्च हुई है। इधर ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ओपन जिम की स्थापना में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इस मामले को लेकर कई बार संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन वहां से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वहीं आदर्श मध्य विद्यालय भरगामा के नामांकित बच्चे नीतीश कुमार&comma;दिलवर&comma;प्रज्ञा&comma;एमडी हयात&comma;शैली कुमारी&comma;नेहा कुमारी&comma; तन्नू प्रिया&comma;सावरीन&comma;चांदनी कुमारी आदि का कहना है करीब दो साल पहले विद्यालय में जिम लगने के बाद हम सभी बच्चे खुश होकर व्यायाम करते थे। मगर कुछ हीं दिनों के बाद जिम टूट गया। फिलहाल हम सभी बच्चे व्यायाम नहीं कर पाते हैं। टूटा हुआ जिम पर व्यायाम करने से डर लगता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक परमानंद साह का कहना है कि अच्छी क्वालिटी का सामान नहीं लगाने के कारण सभी जिम उपकरण टूट गया है। किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो इसलिए बच्चों को जिम का प्रयोग करने पर रोक लगा दिया गया है। वहीं इस संबंध में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी शशिरंजन कुमार का कहना है कि एक स्थान पर लगाए गए ओपन जिम की लागत औसतन साढ़े चार लाख रुपए की है। उपकरण में यदि कोई खराबी है तो&comma;जांचोंपरांत एजेंसी को नोटिस किया जाएगा। अमल नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला पंचायत राज पदाधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि सभी ओपन जिम की मरम्मत के लिए संबंधित संवेदक को निर्देशित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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