मुन्ना शुक्ला को बृजबिहारी हत्याकांड में उम्र कैद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मुजफ्फरपुर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> आज आप को बताते चले कि मानिए न्यायल का बड़ा फैसला आया की काफी वर्ष से मामला चल रहा था बिहार सरकार में तत्कालीन सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री इंजीनियर ब्रिज बिहारी प्रसाद हत्याकांड मामले में सर्वोच्च न्यायालय का बड़ा फैसला। बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 5 को कोर्ट ने किया वरी जबकि लालगंज के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को उम्र कैद की सजा। दोनो की कोर्ट ने दोषी करार दिया है।आप को बता दे की बिहार सरकार के पूर्व मंत्री हत्याकांड मामले में राजद के वैशाली लोकसभा से उम्मीदवार रहे बाहुबली मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी दोषी करार दिया गया और 15 दिनों के अंदर दोनों दोषी अभियुक्त को करना है आत्मसमर्पण माननीय न्यायालय के आदेश से 6 बड़ी दो पर दोष तय<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को फैसला सुनाया। साल 1998 में बृज बिहारी प्रसाद की हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले को लेकर जस्टिस संजीव खन्ना&comma; जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आर महादेवन की बेंच 3 अक्टूबर को फैसला सुनाया। बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी और पूर्व बीजेपी सांसद रमा देवी और सीबीआई की अपील पर फैसला सुनाया गया।जिसमें लोकसभा के राजद कैंडिडेट मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने दोषी मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>साथ ही पूर्व सांसद सूरज भान सिंह&comma; राजन तिवारी सहित 6 लोगों को बरी करने का फैसला सुनाया।इससे पहले साल 2014 में इस मामले से जुड़े सभी 8 आरोपियों को पटना हाईकोर्ट से सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। आरोपियों को बरी करने के कोर्ट के फैसले को पत्नी रमा देवी और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इनकी अपील पर 22 अगस्त को सुनवाई की थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह&comma; पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला&comma; राजन तिवारी समेत आठ आरोपियों को पटना हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था। वहीं&comma; निचली अदालत ने 8 आरोपियों को साल 2009 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आप को बता दे की पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में सुरक्षा इंतजाम के बीच उत्तर प्रदेश के माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला ने एके-47 से गोलियां बरसा कर छलनी कर दिया था। इसमें बृज बिहारी प्रसाद की मौत हो गई थी। वहीं&comma; पति की मौत के बाद उनकी पत्नी रमा देवी ने लालू यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इधर&comma; रमा देवी पति की मौत के बाद राजनीति में सक्रिय हुई। उन्होंने पति की मौत के बाद आरजेडी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और 12वीं लोकसभा में सांसद की जिम्मेदारी संभाली। इसी के बाद उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली और साल 2009 में बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।<&sol;p>&NewLine;

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