रेल हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को पारस हेल्थ पटना में मिला नया जीवन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>आधुनिक चिकित्सा तकनीक&comma; समय पर इलाज और डॉक्टरों की टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए पारस हेल्थ पटना के चिकित्सकों ने एक गंभीर रेल हादसे में बुरी तरह घायल युवक की जान बचाकर उसे नया जीवन दिया है&period; तमिलनाडु निवासी एक युवा इंजीनियर&comma; जो निजी कंपनी के प्रोजेक्ट कार्य के सिलसिले में पटना आया था&comma; भयावह रेल दुर्घटना का शिकार हो गया था&period; लंबे इलाज और जटिल मस्तिष्क सर्जरी के बाद अब मरीज लगभग पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानकारी के अनुसार युवक लोकल ट्रेन से यात्रा कर रहा था&period; यात्रा के दौरान वह ट्रेन के दरवाजे के पास खड़ा था&comma; तभी चलती ट्रेन में रेलवे पोल से टकरा गया&period; हादसा इतना गंभीर था कि उसके सिर का ऊपरी हिस्सा लगभग दो भागों में विभाजित हो गया&period; अत्यधिक रक्तस्राव के कारण युवक तुरंत बेहोश हो गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल पहुंचने तक दुर्घटना को करीब 12 घंटे बीत चुके थे&period; मरीज अत्यधिक रक्तस्राव&comma; शरीर में खून की भारी कमी&comma; शरीर में अम्लता बढ़ने और गहरे कोमा की स्थिति में था&period; पारस हेल्थ के इमरजेंसी विभागाध्यक्ष डॉ&period; चंदन किशोर और उनकी टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया तथा मरीज को न्यूरो आईसीयू में भर्ती कराया गया&period; पूरी रात डॉ&period; शहजादा और क्रिटिकल केयर टीम मरीज की हालत स्थिर करने में जुटी रही&period; मरीज को पर्याप्त मात्रा में रक्त और अन्य जरूरी रक्त तत्व चढ़ाए गए तथा उसकी गंभीर स्थिति को नियंत्रित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अगली सुबह वरिष्ठ न्यूरोसर्जन और चीफ कंसल्टेंट डॉ&period; नीरज झा की अगुआई में मरीज की आपातकालीन मस्तिष्क सर्जरी की गई&period; ऑपरेशन के दौरान सिर की हड्डी का दबाव कम किया गया&comma; क्षतिग्रस्त मस्तिष्क ऊतकों को हटाया गया तथा भविष्य में दिमागी तरल पदार्थ के रिसाव जैसी जटिलताओं से बचाने के लिए विशेष मरम्मत की गई&period; इलाज के दौरान संक्रमण होने पर मरीज की दूसरी सर्जरी भी करनी पड़ी&period; लंबे इलाज&comma; विशेष नर्सिंग देखभाल और फिजियोथेरेपी के बाद अब मरीज लगभग पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस संबंध में डॉ&period; नीरज झा ने कहा कि यह मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था&period; मरीज अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था&comma; लेकिन समय पर इलाज&comma; सटीक सर्जरी और पूरी टीम के समर्पण से उसकी जान बचाई जा सकी&period; उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आधुनिक ट्रॉमा केयर और टीमवर्क सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं&period; इस सर्जरी में डॉ&period; अम्बुज कुमार और डॉ&period; वीर अभिमन्यु पंडित ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं पारस हेल्थ के जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने कहा कि मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है&period; उन्होंने कहा कि यह सफलता डॉक्टरों&comma; नर्सिंग स्टाफ&comma; प्रशासनिक टीम और पैरामेडिकल कर्मियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पारस हेल्थ पटना ने वर्ष 2013 में अपनी सेवाएं शुरू की थीं&period; यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है&comma; जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र की सुविधा है&period; अस्पताल में 400 से अधिक बेड&comma; 80 आईसीयू बेड&comma; अत्याधुनिक कैंसर उपचार मशीनें और पीईटी-सीटी जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।<&sol;p>&NewLine;

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