नशे की लत से बर्बाद हो रही है कितने लोगों की जिंदगी कई बीबी का मिटा सिंदूर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पंचायत&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> सूत्रों द्वारा बताया जा रहा कि फलका थाना क्षेत्र में स्मैक&comma; कोडीन सिरप की समस्या बढ़ती जा रही है&comma; युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। फलका थाना क्षेत्र के कई गांवों में स्मैक&comma; कोडीन सिरप की लत तेजी से फैल रही है। नशे का यह जाल युवाओं के जीवन को अंधेरे की ओर धकेल रहा है। मादक पदार्थों के तस्कर अपने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कितने मताओं का गोद खाली और कई बीबी का सिंदूर मिटाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। साथ ही&comma; प्रशासन की सुस्ती के कारण यह समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। फलका थाना क्षेत्र के मोरसंडा&comma; लक्ष्मीपुर लोहजर&comma; चातर&comma; फुलडोभी&comma; फलका बजार जैसे गांवों में स्मैक कोडीन सीरप का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय लोगों के अनुसार&comma; लक्ष्मीपुर लोहजर गांव के कुछ युवक कोडीन सीरप की तस्करी में शामिल हैं। कोडीन सिरप को डी० ए० पी० या यूरिया के बोरा में छिपा के आवागवन करता है स्मैक को माचिस या खैनी की डिब्बियों में छिपा के अन्य साधनों का उपयोग करके इसे एक स्थान से दूसरे स्थानों पर ले जाते हैं। हालांकि&comma; यह समस्या केवल मोरसंडा पंचायत तक ही सीमित नहीं है&comma; बल्कि कई पंचायत के गांवों में भी फैल रही है। स्मैक की लत ने कई युवाओं को पढ़ाई और रोजगार से वंचित कर दिया है। नशीली दवाओं के लिए पैसे जुटाने के लिए&comma; कुछ युवा चोरी और अन्य अवैध गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> स्मैक की लत से युवाओं ने गांव घर में बकरी चोरी&comma; मोटर&comma; साइकिल&comma; मोटरसाइकिल&comma;यहां तक की अपनी बीबी की गहना चोरी करके बेच देता है। नशे की लत के कारण परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फलका थाना क्षेत्र में अब तक नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। मोरसंडा&comma;चातर गांव के कुछ युवकों के नाम पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी में सामने आए हैं&comma; लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से तस्करों का मनोबल बढ़ा हुआ है और समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों की पहचान की जानी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। गांवों में नियमित छापेमारी और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। युवाओं को नशीली दवाओं के हानिकारक के बारे में जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। यदि इस समस्या का तुरंत समाधान नहीं किया गया&comma; तो नशे की लत का यह जाल पूरे क्षेत्र में और भी फैल सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;

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