एम्स पटना में “न्यूरोवैस्कुलर अपडेट पटना 2026” का आयोजन, स्ट्रोक और ब्रेन हैमरेज के उन्नत इलाज पर राष्ट्रीय मंथन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना का न्यूरोसर्जरी विभाग&comma; बिहार न्यूरोसर्जरी सोसाइटी&comma; एसोसिएशन ऑफ़ नॉर्थ ईस्टर्न न्यूरोसाइंटिस्ट्स ऑफ़ इंडिया और न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के सहयोग से&comma; 25-26 अप्रैल&comma; 2026 को राष्ट्रीय सम्मेलन &OpenCurlyDoubleQuote;न्यूरोवैस्कुलर अपडेट पटना 2026 ”” का आयोजन करने जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह सम्मेलन मस्तिष्क की रक्तवाहिनी संबंधी बीमारियों &lpar;सेरेब्रोवैस्कुलर डिजीज&rpar; के समग्र उपचार पर केंद्रित होगा। इसमें ब्रेन एन्यूरिज्म&comma; आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन &lpar;AVM&rpar;&comma; स्वतः होने वाला ब्रेन हैमरेज तथा बड़ी रक्तवाहिकाओं में थक्का &lpar;लार्ज वेसल ऑक्लूजन&rpar; के कारण होने वाले स्ट्रोक जैसे गंभीर रोगों के आधुनिक उपचार पर विशेष चर्चा होगी। ये बीमारियां हृदय रोगों के बाद विश्व स्तर पर मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सम्मेलन के आयोजन सचिव&comma; डॉ&period; विकास चंद्र झा &comma; प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष&comma; न्यूरोसर्जरी&comma; AIIMS पटना ने बताया कि देशभर से लगभग 250–300 न्यूरोसर्जन इस सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य नवीनतम तकनीकों के आदान-प्रदान के साथ-साथ चिकित्सकों के कौशल को और अधिक उन्नत बनाना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सम्मेलन के पहले दिन&comma; 25 अप्रैल को&comma; युवा न्यूरोसर्जनों के लिए हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की जाएगी&comma; जिसमें अत्याधुनिक सिमुलेटर एवं उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ब्रेन हैमरेज और स्ट्रोक के उपचार हेतु मैकेनिकल थ्रॉम्बेक्टॉमी&comma; कैरोटिड स्टेंटिंग&comma; एन्यूरिज्म कॉइलिंग और आर्टेरियोवीनस एम्बोलिज़ेशन तथा माइक्रोस्कोप के माध्यम से की जाने वाली ब्रेन बाईपास सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस सम्मेलन में देश भर के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल होंगे&comma; जिनमें डॉ&period; बसंत कुमार मिश्रा &lpar;अध्यक्ष&comma; वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ न्यूरोसर्जिकल सोसाइटीज़&rpar;&semi; डॉ&period; संजय बिहारी &lpar;निदेशक&comma; SCTIMST&comma; तिरुवनंतपुरम&rpar;&semi; डॉ&period; शरत चंद्र &lpar;प्रोफेसर और प्रमुख&comma; न्यूरोसर्जरी&comma; AIIMS नई दिल्ली&rpar;&semi; डॉ&period; मानस पाणिग्रही &lpar;अध्यक्ष&comma; न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया&rpar;&semi; डॉ&period; परितोष पांडे &lpar;सचिव&comma; न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया&rpar;&semi; डॉ&period; अनीता जगेटिया &lpar;प्रोफेसर और प्रमुख&comma; न्यूरोसर्जरी&comma; G&period;B&period; Pant अस्पताल&comma; नई दिल्ली&rpar;&semi; डॉ&period; बतुक दियोरा &lpar;कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन&comma; मुंबई&rpar; शामिल हैं। यह सम्मेलन न्यूरोवैस्कुलर रोगों के क्षेत्र में नवीनतम शोध&comma; तकनीकी नवाचार और उपचार पद्धतियों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा जिससे मरीजों के उपचार परिणामों में सुधार की दिशा में ठोस योगदान मिलेगा।<&sol;p>&NewLine;

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