राज्य के पांच शहरी पीएचसी को मिला राज्यस्तरीय एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्लम और निम्न आय वाली आबादी के लिए स्थापित किए गए शहरी प्राथमिक केंद्र भी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) पर खरे उतर रहे हैं। गया और पूर्णिया के यूपीएचसी के बाद एक बार फिर राज्य के पांच शहरी क्षेत्र के यूपीएचसी को एनक्यूएएस का राज्यस्तरीय सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। अब इनके राष्ट्रीय प्रमाणन के लिए आवेदन दिया जा रहा है। मालूम हो कि विधान मंडल के मानसून सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि राज्य के सभी यूपीएचसी को एनक्यूएएस के मानक के तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। अगले तीन महीनों में सबों के प्रमाणीकृत करने का लक्ष्य है।

एनक्यूएएस के नेशनल असेसर और मिनिस्ट्री ऑफ फाइनलाइज लक्ष्य के अधिकारी डॉ माहताब सिंह ने बताया कि यह अच्छी बात है कि राज्य के स्वास्थ्य केंद्र ने फिर से एनक्यूएएस के असेसमेंट में जगह बनाई है। इसका स्पष्ट अर्थ है कि यहां के स्वास्थ्य केंद्र पर मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में बढ़ोतरी हो रही है। यूपीएचसी के प्रमाणीकरण से शहरी स्लम और गरीब तबके के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो पाएंगी। इससे हेल्थ इंडिकेटर में भी परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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पटना के संदलपुर यूपीएचसी को मिला सर्वाधिक अंक
जिन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्यूएएस का राज्यस्तरीय सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है उसमें बक्सर का यूपीएचसी बक्सर, बेगूसराय का यूपीएचसी तेलिया पोखर, नालंदा का यूपीएचसी सोहसराय, सररसा का यूपीएचसी सहरसा बस्ती और पटना का यूपीएचसी संदलपुर शामिल है। यूपीएचसी संदलपुर को कुल 91.90 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा भी पटना के पांच और यूपीएचसी के प्रमाणीकरण का लक्ष्य है।

12 मानकों पर यूपीएचसी में होता है एनक्यूएएस के लिए आकलन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ दिन में संचालित होते हैं, इसलिए इनके एनक्यूएएस सर्टिफिकेट के लिए मानक जिला अस्पताल से भिन्न हैं। उन मानकों में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं। जिन मानकों पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काम करती हैं उनमें जनरल क्लीनिक, मेटरनल हेल्थ, न्यू बॉर्न एंड चाइल्ड हेल्थ, टीकाकरण, फैमिली प्लानिंग, संचारी रोग, गैर संचारी रोग, आउटरीच, फार्मेसी, लैबोरेट्री, ड्रेसिंग रूम और इमरजेंसी, जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन, वेस्ट मैनेजमेंट, फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिसिटी लोड असेसमेंट शामिल हैं।

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