232वीं रैंक के साथ प्रिया कुमारी ने यूपीएससी में रचा इतिहास

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>कड़ी मेहनत&comma; आत्मविश्वास और सेल्फ स्टडी के दम पर फुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की बेटी प्रिया कुमारी ने संघ लोक सेवा आयोग &lpar;यूपीएससी&rpar; की परीक्षा में ऑल इंडिया 232वीं रैंक हासिल कर परिवार&comma; गांव और पूरे इलाके का नाम रोशन किया है&period; परिणाम आने के बाद गांव में खुशी का माहौल है और लोगों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया&period;प्रिया के छोटे भाई प्रिंस कुमार बेंगलुरु में मैकेनिकल इंजीनियर हैं&period; परिवार के अन्य सदस्यों और भाइयों प्रकाश कुमार और शौर्य शर्मा ने भी उनकी तैयारी के दौरान हर कदम पर सहयोग किया। परिणाम आने के बाद महमदपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई&period; बड़ी संख्या में गांव और आसपास के लोग प्रिया के घर पहुंचकर बधाई देने लगे&period; लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की&period; ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बेटी ने पूरे इलाके का मान बढ़ाया है और यह गांव की पहली लड़की है जिसने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए नई प्रेरणा दी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रिया कुमारी के पिता राम नारायण सिंह सारण के बेला दरियापुर स्थित रेल चक्का कारखाना में टेक्नीशियन ग्रेड-वन के पद पर कार्यरत हैं&comma; जबकि उनकी माता सुजानती देवी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं&period; दादा विजय नारायण शर्मा राजस्व कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हैं&period; परिवार में शिक्षा का माहौल होने के कारण बचपन से ही प्रिया को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रिया कुमारी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई डीएवी वाल्मी से की&period; इसके बाद उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2021 से पेसिफिक न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी कर रही हैं&period; नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी&period; उन्होंने बताया कि कई जगहों पर कोचिंग भी की&comma; लेकिन अंतिम समय में उन्होंने सेल्फ स्टडी पर ही सबसे अधिक भरोसा किया&period;<br>प्रिया ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने 2021 में सीएस फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया 21वीं रैंक हासिल की थी&comma; लेकिन उन्हें उससे संतुष्टि नहीं मिली&period; उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए कुछ बड़ा करने का था&period; इसी उद्देश्य से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और आखिरकार मेहनत रंग लाई&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रिया कुमारी ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं&period; उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि कोचिंग और नोट्स उपयोगी होते हैं&comma; लेकिन सफलता का सबसे बड़ा आधार सेल्फ स्टडी है&period; उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब का भी सही तरीके से उपयोग करें और नियमित पढ़ाई जारी रखें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पिता राम नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया&period; उन्होंने हमेशा बच्चों की शिक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया और अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया&period; उन्होंने कहा कि बेटी की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मां सुजानती देवी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया&period; उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटियों पर भरोसा करें&comma; उन्हें पढ़ने और अपने सपने पूरे करने का मौका दें&period; बेटियों को आगे बढ़ने की आजादी दी जाए तो वे परिवार और समाज दोनों का नाम रोशन कर सकती हैं। दादा विजय नारायण शर्मा ने इस सफलता के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया&period; उन्होंने कहा कि प्रिया शुरू से ही मेहनती रही है और कई परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुकी थी&comma; लेकिन वह हमेशा और बेहतर करना चाहती थी&period; परिवार ने हमेशा उसे संघर्ष जारी रखने की प्रेरणा दी और आज उसका परिणाम सबके सामने है।<&sol;p>&NewLine;

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