शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्र आंदोलन और विपक्षी दलों के दबाव का नतीजा है : एजाज अहमद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन और विपक्षी दलों के दबाव का नतीजा है। इन्होंने ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतना किरकिरी करवा करवा कर&comma; छात्र आंदोलनकारी पर अत्याचार और अन्यायपूर्ण व्यवहार करवा कर जिस तरह से छात्र आंदोलन को बदनाम करवाने की साजिश की गई थी&comma; उसकी परवाह किए बिना छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जो जनआक्रोश और एकता दिखाया और जिस तरह से विपक्षी दलों ने आंदोलनकारी छात्रों का साथ दिया उससे नरेंद्र मोदी सरकार घबरा गई ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> केंद्र सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए जितना भी दबाव बनाया और आंदोलन को बदनाम करने के लिए चाहे जो भी कार्य किया हो उसकी परवाह किए बिना आंदोलन चलता रहा और छात्रों ने बता दिया की शिक्षा के क्षेत्र में जिस तरह का सत्ता के माध्यम से खेल किया गया है उसको उजागर करना आवश्यक है और इस मामले में आज जो देश भर में जन आंदोलन जन आंदोलन हुआ। उससे सत्तारूढ़ पार्टी को महसूस करा दिया कि छात्रों का ये जन आक्रोश और आंदोलन की चिंगारी नरेंद्र मोदी की सरकार ने भी महसूस की और अंततः छात्र आंदोलन और विपक्षी दलों के दबाव के सामने केंद्र सरकार को अंततः झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की सत्ता के माध्यम से जिस तरह से शिक्षा में भ्रष्टाचार व्याप्त है उससे यह स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचार को सदाचार का रूप देकर बढ़ावा दिया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए और यह भी जांच होनी चाहिए की शिक्षा को भ्रष्टाचार में इतना लिप्त करने में किनकी भूमिका थी और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा था ।<br &sol;>एजाज ने आगे कहा कि जिस तरह से देशभर में भ्रष्टाचार को सदाचार और शिष्टाचार का रूप दे दिया गया है यह शिक्षा के क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखने को मिला ।और नीट परीक्षा में जिस तरह से प्रश्न पत्र लीक हुए उसके कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ नतीज देश भर मे छात्रों का आंदोलन देखने को मिला उसके बाद अंततः दबाव में केंद्र सरकार आई और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। केंद्र सरकार आंदोलनकारी छात्रों के सभी मांगों को पूरा करें क्योंकि देश के छात्रों का यह मानना है की सरकार की भूमिका के कारण ही कहीं ना कहीं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और छात्रों को सड़कों पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा।<&sol;p>&NewLine;

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