जेंन्डर आधारित हिंसा की रोकथाम एवं संवेदनशीलता पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> सहयोगी संस्था द्वारा 25 जुलाई 2026 को नेउरा थाना परिसर&comma; पटना में &&num;8220&semi;जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम एवं संवेदनशीलता&&num;8221&semi; विषय पर जागरूकता एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना&comma; जेंडर आधारित हिंसा के मामलों में त्वरित सहायता एवं न्याय तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक समाज के निर्माण को बढ़ावा देना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत सहयोगी संस्था की संचालक रजनी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने संस्था के कार्यों का परिचय दिया और कहा कि जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम केवल कानून का विषय नहीं&comma; बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने महिलाओं एवं किशोरियों से बिना किसी भय के अपनी बात रखने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने की अपील की। इसके बाद नेउरा थाना के थानाध्यक्ष श्री जगदीप कुमार राणा ने महिलाओं की सुरक्षा&comma; पुलिस की भूमिका तथा कानूनी अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि पहले महिलाओं से जुड़े अधिकांश मामले भारतीय दंड संहिता &lpar;IPC&rpar; के तहत दर्ज किए जाते थे&comma; जबकि अब भारतीय न्याय संहिता &lpar;BNS&rpar; लागू होने के बाद कानून में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा&comma; उत्पीड़न या भेदभाव को सामान्य घटना समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। पीड़ित या उनके परिजन बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि डायल 112 आपातकालीन सहायता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है तथा 112 इंडिया मोबाइल एप और गूगल पर उपलब्ध ऑनलाइन शिकायत प्रणाली के माध्यम से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>थानाध्यक्ष ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP&comma; बैंक खाता संख्या&comma; ATM&sol;PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें&comma; किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें तथा वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत करने से कार्रवाई की संभावना अधिक रहती है। इसके उपरांत उप निरीक्षक &lpar;SI&rpar; प्रियंका कुमारी ने अपने फील्ड अनुभव साझा करते हुए महिलाओं एवं किशोरियों को कानूनी अधिकारों&comma; शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को बच्चों एवं किशोरियों के साथ खुलकर संवाद करना चाहिए ताकि वे किसी भी प्रकार की समस्या या हिंसा की जानकारी बिना डर के साझा कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेकर संवेदनशील तरीके से कार्रवाई करती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम सरपंच श्री गुड्डू उर्फ शमीम ने समुदाय की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी हिंसा या उत्पीड़न की घटना को छिपाने के बजाय संबंधित विभाग और पुलिस को तुरंत सूचना दें&comma; ताकि समय पर सहायता एवं न्याय मिल सके। इसके बाद सहयोगी संस्था की बोर्ड मेंबर शिल्पी कुमारी ने किशोरियों के मानसिक&comma; सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें&comma; उन्हें पर्याप्त समय दें और उनकी बातों को गंभीरता से सुनें। उन्होंने किशोरियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा जारी रखने&comma; अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पु०अ०नि० मोहित कुमार ने शिक्षा पर जोर देते हुए बताया कि शिक्षा बहुत जरूरी बताते हुए सबको समान अधिकार देने की बात कही। सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस&comma; पंचायत&comma; समुदाय और सामाजिक संस्थाओं के बीच आपसी सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से जेंडर आधारित हिंसा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा हिंसा-मुक्त&comma; सुरक्षित और समान समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के समापन अवसर पर सहयोगी संस्था की तरफ से एक पेटी तैयार किया गया जिसका उद्देश्य के द्वारा पुलिस थाना को लेकर अपनी राय&comma; जिज्ञासा&comma; तथा मन का विचार लिख के बिना नाम साझा किए सुझाव पेटी में डालने को बोला गया।<br &sol;>कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं&comma; किशोरियों&comma; पंचायत प्रतिनिधियों एवं समुदाय के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे&comma; जिनका वक्ताओं द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया। कार्यक्रम का समापन महिलाओं और किशोरियों के सम्मान&comma; सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में नेउरा तथा इस थाना के अंतर्गत अन्य 4 पंचायत की महिलाएं&comma; किशोरियां तथा पंचायत सदस्य ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पु०अ०नि० सह थाना अध्यक्ष जगदीप कुमार राणा&comma; पु०अ०नि० मोहित कुमार&comma; पु०अ०नि० प्रियंका कुमारी&comma; पु०अ०नि० अनिल कुमार सिंह&comma; म०सि० प्रियंका कुमारी&comma; म०सि० शालिनी&comma; म०सि० नीतू कुमारी&comma; म०सि० अमृता कुमारी&comma; BHG सपना&comma; BHG विशाखा&comma; म०सि० मोनिका&comma; म०सि० सोनी मेहता&comma; सहयोगी से रजनी&comma; शिल्पी कुमारी&comma; ऊषा&comma; धर्मेंद्र&comma; लाजवंती&comma; प्रियंका&comma; रूबी&comma; शारदा&comma; मनोज&comma; अर्चना&comma; मोनिका&comma; वर्षा&comma; निधि&comma; इशिका&comma; निर्मला और बिंदु इत्यादि उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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