सदर सीओ के द्वारा माइकिंग कर लोगों से ऊंचे स्थान पर जाने की अपील

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गोपालगंज&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण रविवार को वाल्मीकिनगर बैराज से 4 लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गोपालगंज जिले में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है और निचले इलाकों में बसे हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। सदर सीओ के द्वारा माइकिंग कर लोगों से ऊंचे स्थान पर जाने की अपील की जा रही है। बता दें कि नेपाल के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हो रही है&comma; जिसके कारण गंडक नदी में पानी का बहाव तेजी से बढ़ गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रविवार सुबह 7 बजे और दोपहर एक बजे वाल्मीकिनगर बैराज से 4&period;40 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया&comma; जो इस मानसून सीजन का सबसे उच्च स्तर है। इसे लेकर गोपालगंज के सदर अनुमंडल पदाधिकारी डॉ&period; प्रेरणा सिंह और सीओ रजत वर्णवाल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम गांव-गांव जाकर निचले हिस्से में बसे लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए माइकिंग करवा रही है। कुचायकोट&comma; सदर&comma; मांझा&comma; बरौली&comma; सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंडों के 43 गांवों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नदी के तटबंधों के अति-संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी तेज कर दी गई है<br>डीएम समीर सौरभ ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है और अगले 24-48 घंटों को काफी महत्वपूर्ण बताया है। प्रशासन लगातार मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के संपर्क में हैं।<&sol;p>&NewLine;

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