आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 40 हज़ार बनाया गया गोल्डन कार्ड

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;strong>भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना उन गरीब लोगों के लिए शुरू की है जो कमजोर आर्थिक स्थिति होने की वजह से अपना इलाज नहीं करवा सकते हैं। आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड भी इसी योजना का हिस्सा है। यह कार्ड बन जाने के बाद कोई भी व्यक्ति सरकारी या चयनित निजी अस्पतालों में जाकर 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में करवा सकता है। जिसके लिए जिलाधिकारी सुहर्ष भगत के द्वारा 03 से 12 जून तक एक पंचायत-एक हज़ार लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ई-गोल्डन कार्ड बनाने के लिए ज़िले के सभी प्रखंडों में अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किया गया था। आयुष्मान भारत योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी के द्वारा एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। इस योजना से संबंधित लाभार्थी अपना नाम mera&period;pmjay&period;gov&period;in वेबसाइट पर देख सकता है या फ़िर हेल्पलाइन नंबर&colon;- 14555 पर कॉल के माध्यम से जानकारी ले सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने के आसान तरीक़े&colon; नोडल पदाधिकारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एसडीसी सह आयुष्मान भारत के नोडल पदाधिकारी दीक्षित श्वेतम ने बताया कि जिलाधिकारी सुहर्ष भगत के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश के आलोक में आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए ज़िले के सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही प्रखंड के कर्मियों का अहम योगदान मिला है। भारत सरकार द्वारा बनाये जाने वाले आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए आपको सबसे पहले पंजीयन करवाना पड़ता है। इस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने और कार्ड बनने के बाद उसे आप ऑनलाइन डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकलवा सकते हैं। पहले इस कार्ड को बनाने के लिए 30 रुपए का चार्ज देना पड़ता था लेकिन अब यह कार्ड पूरी तरह से निःशुल्क बनाए जा रहे हैं। अगर यह गोल्डेन कार्ड गुम हो जाता है तो आप ऑनलाइन नया कार्ड इस साइट से mera&period;pmjay&period;gov&period;in डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए केवल 15 रुपए का चार्ज देना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>लाभार्थियों को ससमय उपचार मिलने से बढ़ी है संख्या&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया कि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल परिसर स्थित सदर अस्पताल सहित ज़िले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी रहती है। क्योंकि लाभार्थियों को विभिन्न तरह की बीमारियों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विभाग द्वारा समय पर मिल जाती हैं।जिस कारण अभी तक 16 सौ से अधिक मरीजों को इस योजना के तहत लाभ मिल चुका है। हालांकि पहले की अपेक्षा आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। सदर अस्पताल पूर्णिया को इस योजना से जुड़े लाभार्थियों को निःशुल्क इलाज़ कराने के लिए राज्य में प्रथम स्थान मिल चुका है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>लक्ष्य के अनुरूप डगरुआ&comma; बायसी एवं बैसा में सबसे अधिक बनाया गया कार्ड&colon; डीपीसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक नीलांबर कुमार ने बताया की प्रत्येक पंचायत एक हजार कार्ड बनवाने के लिए ज़िला उप विकास आयुक्त मनोज कुमार के मार्गदर्शन में प्रखंड स्तर पर स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा डगरुआ में 4258&comma; बायसी में 3510 एवं बैसा में 3189 जबकिं भवानीपुर में 2704&comma; श्री नगर में 1668&comma; बी कोठी में 3282&comma; धमदाहा में 3807&comma; के नगर में 2626&comma; रुपौली में 2825&comma; जलालगढ़ में 1371&comma; कसबा में 1753&comma; अमौर में 2971&comma; बनमनखी में 3148&comma; पूर्णिया पूर्व में 1386 एवं पूर्णिया शहरी क्षेत्र में 1460 लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड बनाया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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