कालाजार छिड़काव के लिए कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">कटिहार&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> 13 मार्च। लोगों को कालाजार बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर छः महीने में कालाजार छिड़काव अभियान चलाया जाता है। इसके तहत पिछले तीन वर्षों में जिले के विभिन्न गांवों&sol;कस्बों में पाए जा रहे कालाजार के संभावित मरीजों के क्षेत्र में सिंथेटिक पैराथायराइड &lpar;एसपी&rpar; का छिड़काव कराया जाता है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कालाजार छिड़काव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र&comma; कोढ़ा में छिड़काव कर्मियों को एकदिवसीय आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षण में सभी कर्मियों को संभावित कालाजार क्षेत्रों की जानकारी देते हुए लोगों को कालाजार से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ&period; जय प्रकाश सिंह के साथ भीडीसीओ एन&period; के&period; मिश्रा&comma; प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ&period; अमित आर्या&comma; भीबीडीएस अमरनाथ सिंह&comma; बीसीएम सचिन कुमार&comma; सीफार एडीसी अमन कुमार&comma; बीसी अंशुमन कुमार&comma; प्रधान लिपिक मनोज मोदी&comma; बीएमएनई आशीष झा&comma; अस्पताल भण्डारपाल ब्रजेश कुमार&comma; बीएएम विकास कुमार&comma; एसएफडब्लू नंद कुमार साह&comma; शम्भू&comma; रविदास सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी व छिड़काव कर्मी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिले के सभी प्रखंडों के 116 गांवों&sol;कस्बों में चलाया जाएगा छिड़काव अभियान &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ&period; जय प्रकाश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर छः महीने में जिले लोगों को कालाजार से सुरक्षित रखने के लिए छिड़काव अभियान चलाया जाता है। इस दौरान पिछले तीन वर्षों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पाए गए ज्यादा कालाजार मरीजों को देखते हुए वहां छिड़काव अभियान चलाया जाएगा। मार्च महीने में चलाए जा रहे कालाजार छिड़काव अभियान के लिए जिले के सभी प्रखंडों के 116 गांवों&sol;कस्बों को चिह्नित किया गया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन क्षेत्रों में वर्ष 2020 में कुल 63&comma; वर्ष 2021 में कुल 59 तथा वर्ष 2021 में कुल 49 कालाजार संक्रमित मरीज पाए गए हैं। सम्भावित मरीजों की संख्या देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 116 गांवों के 01 लाख 11 हजार 709 घरों में सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव किया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में कालाजार बीमारी के लिए जिम्मेदार बालूमक्खी को समाप्त किया जा सकता है। इससे संबंधित क्षेत्र के अन्य लोगों को कालाजार बीमारी से सुरक्षित किया जा सकता है। डॉ&period; जय प्रकाश सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 के पहले छमाही में कालाजार छिड़काव के लिए 15 मार्च की तिथि संभावित की गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>संभावित कालाजार मरीजों को चिकित्सकीय सहायता के लिए भेजा जाएगा अस्पताल &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>भीडीसीओ एन&period; के&period; मिश्रा ने कहा कि कालाजार बीमारी बालूमक्खी के काटने से होने वाला रोग है लेकिन इसका इलाज आसानी से संभव है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है। दो सप्ताह से अधिक बुखार&comma; पेट के आकार में वृद्धि&comma; भूख नहीं लगना&comma; उल्टी होना&comma; शारीरिक चमड़ा का रंग काला होना आदि कालाजार बीमारी के लक्षण हैं। ऐसा लक्षण शरीर में महसूस होने पर अविलंब जांच कराना जरूरी होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> नमी एवं अंधरे वाले स्थान पर कालाजार की मक्खियां ज्यादा फैलती हैं। मुख्य रूप से पोस्ट कालाजार डरमल लिश्मैनियासिस &lpar;पीकेडीएल&rpar; एक त्वचा रोग है जो कालाजार के बाद होता है। इसके उपचार में विलंब से हाथ&comma; पैर और पेट की त्वचा काली होने की शिकायतें मिलती हैं। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कालाजार का इलाज आसानी से हो सकता है। छिड़काव अभियान के दौरान क्षेत्रों में ऐसे मरीजों की भी खोज की जाएगी और उन लोगों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कालाजार मरीजों को इलाज के साथ श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाती है सहायता राशि &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>भीबीडीएस अमरनाथ सिंह ने बताया कि कालाजार के मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज आसानी से किया जाता है। इलाज के साथ ही कालाजार संक्रमित मरीजों को सरकार द्वारा श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। सरकार द्वारा प्रति कालाजार पीड़ित मरीज़ को 7100 रुपये की श्रम-क्षतिपूर्ति राशि भी दी जाती है। यह राशि भारत सरकार के द्वारा 500 एवं राज्य सरकार की ओर से कालाजार राहत अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के रूप में 6600 सौ रुपये दी जाती है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

आशा कर्मियों ने मांगो को लेकर धरना दिया

सीनियर कांस्टेबल प्रतीक चिन्ह देकर किया सम्मानित

विधानसभा में जयनगर से घूरना सड़क निर्माण का मांग