निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को लें गोद : सिविल सर्जन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले को टीबी मुक्त बनाने की कवायद तेज हो गयी है&period; इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं&period; रोगी खोज अभियान व संक्रमितों तक जरूरी चिकित्सकीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कराने को लेकर जरूरी पहल की जा रही है&period; वहीं सक्षम व्यक्ति&comma; सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिये विभागीय स्तर से प्रेरित व प्रोत्साहित किया जा रहा है&period; इसी कड़ी में डॉ फजले इमाम ने टीबी संक्रमित 10 मरीजों को गोद लिया है&period; उन्होंने टीबी रोगियों को जरूरी चिकित्सकीय सहायता के साथ फूड बास्केट उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी संक्रमित 10 मरीजों को लिया गोद &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जिला टीबी व एड्स समन्वयक दामोदर शर्मा ने बताया कि एसटीएसयू टीबी पटना के हारूण रशीद&comma; डब्ल्यूएचओ के सलाहकार उॉ मेजर अवकाश सिन्हा सहित डीटीयू के टीबीएचभी शाएक वसीली ने टीबी उन्मूलन के प्रयासों के तहत सरकार द्वारा संचालित निक्षय मित्र योजना की समुचित जानकारी डॉ फजले इमाम को उपलब्ध कराया&period; इस पर उन्होंने विश्व टीबी दिवस के मौके पर टीबी संक्रमित 10 मरीजों को गोद लेने पर अपनी सहमति जतायी&period; उन्होंने बताया कि गोद लिये गये टीबी मरीजों के बीच हर माह उनके द्वारा फूड बास्केट उपलब्ध करायी जायेगी&period; बास्केट में तीन किलो चावल&comma; डेढ़ किलो दाल&comma; खाद्य तेल&comma; विटामीन टैबलेट सहित बेहतर पोषण से जुड़ी अन्य जरूरी चीजें शामिल होंगे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को गोद लेने की प्रक्रिया &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि कोई भी व्यक्ति टीबी मरीजों को गोद ले सकता है&period; इसके लिये निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है&period; गोद लेने वाले व्यक्ति व संस्था नियमित अंतराल पर संक्रमितों से मुलाकात करते हुए मरीजों को नियमित दवा सेवन व सेहत का विशेष ध्यान देने के लिये प्रेरित करेंगे&period; साथ ही मरीजों को बेहतर पोषण व स्वास्थ्य देखभाल के लिहाज से जरूरी मदद कर सकेंगे&period; मरीज की सेहत बेहतर होने पर गोद लेने वाले व्यक्ति को विभागीय स्तर से प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जायेगा&period; गोद लिये गये व्यक्ति की पहचान किसी से साझा नहीं की जा सकती है&period; उन्होंने सक्षम व्यक्ति&comma; जिम्मेदार सरकारी व गैर सरकारी संस्था के प्रतिनिधियों से टीबी उन्मूलन अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित निक्षय मित्र अभियान से जुड़ने की अपील की&period;<&sol;p>&NewLine;

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