संभावित टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र में सप्ताह में एक दिन लगाया जाता है जांच कैम्प

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> संभावित टीबी ग्रसित मरीजों की समय से पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग&comma; पूर्णिया द्वारा जिला यक्ष्मा केंद्र&comma; जीएमसीएच पूर्णिया में सप्ताह में एक दिन कैम्प आयोजित किया जाता है। कैम्प में जीएमसीएच पूर्णिया के साथ साथ चिन्हित प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा टीबी संभावित मरीजों की विशेष जांच पोर्टेबल एक्सरे मशीन द्वारा की जाती है। एक्सरे मशीन में संभावित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने की पहचान होने पर तत्काल टीबी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीज को आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। समय पर जांच और नियमित उपचार कराने से संबंधित मरीज बहुत जल्द टीबी बीमारियों से सुरक्षित होकर सामान्य जीवनयापन का लाभ उठा सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पोर्टेबल एक्सरे मशीन द्वारा संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने की ली जाती है जानकारी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी &lpar;सीडीओ&rpar; डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि 02 सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी का होना&comma; बुखार आना&comma; भूख नहीं लगना&comma; वजन घटना&comma; रात में पसीना आना&comma; खांसी के दौरान बलगम के साथ खून का आना संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे सम्भावित टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला एवं विभिन्न प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार जांच कैम्प का आयोजन किया जाता है। इस दौरान टीबी ग्रसित होने के लक्षण दिखाई देने वाले मरीजों की पोर्टेबल एक्सरे मशीन द्वारा जांच आयोजित किया जाता है। संभावित टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ल्ड विजन इंडिया के सहयोग से जिला यक्ष्मा केंद्र में प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार को कैम्प आयोजित कर संभावित टीबी ग्रसित मरीजों की जांच सुनिश्चित की जाती है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सप्ताह के अन्य कार्यदिवस के दौरान वर्ल्ड विजन इंडिया के सहयोग से सभी प्रखंड के निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों में पोर्टेबल एक्सरे मशीन द्वारा चिन्हित टीबी ग्रसित मरीजों की पहचान के लिए कैम्प आयोजित कर टीबी ग्रसित मरीजों की जांच सुनिश्चित किया जाता है। पोर्टेबल एक्सरे मशीन द्वारा संभावित मरीज के फेफड़ों की स्क्रीनिंग करने पर व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने की जानकारी ली जाती है। जांच में टीबी ग्रसित पाए जाने वाले मरीजों को तत्काल विशेष टीबी जांच और आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। समय पर जांच और नियमित उपचार कराने से संबंधित व्यक्ति बहुत जल्द टीबी बीमारी से सुरक्षित होकर सामान्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी संक्रमण होने के संभावित लोगों को लगाया जाता है इंजेक्शन &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला टीबी विशेषज्ञ डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर या टीबी ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की एक्सरे द्वारा टीबी संक्रमित नहीं पाए जाने वाले टीबी संक्रमण के संभावित लोगों की विशेष जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति के सीवाई टीबी टेस्टिंग किया जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी संभावित व्यक्ति के हाथ में इंजेक्शन लगाना सुनिश्चित किया जाता है। इंजेक्शन लगाने पर संभावित व्यक्ति के हाथ के इंजेक्शन लगाने वाले क्षेत्र में 24 घंटे में सूजन होने लगता है जिससे संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित होने की पहचान हो सकती है। ऐसा लक्षण दिखाई देने पर संबंधित व्यक्ति को विशेष टीबी जांच के लिए बलगम जांच करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी संक्रमण से सुरक्षा के लिए आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। समय पर जांच और उपचार करने से संबंधित व्यक्ति बहुत जल्द टीबी संक्रमण से सुरक्षित होकर सामान्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी स्क्रीनिंग के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया है कैम्प &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वर्ल्ड विजन इंडिया के जिला समन्यवक अभय कुमार ने बताया कि टीबी संभावित मरीजों की पहचान के लिए वर्ल्ड विजन इंडिया द्वारा विभिन्न प्रखंडों के संभावित क्षेत्र के हेल्थ एंड वेलनेस स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित किया जाता है। आयोजित कैम्प में स्थानीय आशा कर्मियों के सहयोग से क्षेत्र के टीबी संभावित लोगों की टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित किया जाता है। इस दौरान संभावित पाए जाने वाले टीबी ग्रसित मरीजों की विशेष जांच के लिए जिला संचारी नियंत्रण केंद्र जीएमसीएच पूर्णिया भेजा जाता है जहां संबंधित व्यक्ति के बलगम जांच करते हुए विशेष जांच एलपीए के लिए बलगम सैंपल भागलपुर रेफर किया जाता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विशेष जांच में संबंधित व्यक्ति के टीबी ग्रसित पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को तत्काल उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि टीबी ग्रसित व्यक्ति समय पर टीबी को मात देते हुए स्वस्थ जीवन का लाभ उठा सकते हैं। वर्ल्ड विजन इंडिया के जिला समन्यवक अभय कुमार ने बताया कि टीबी संभावित व्यक्ति के विशेष जांच के लिए जिले के 04 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रू नेट टेस्ट मशीन का उपयोग किया जा रहा है। इसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलाबबाग के साथ साथ मधुबनी&comma; माता स्थान और पूर्णिया कोर्ट में ट्रू नेट मशीन कार्यरत हैं। बहुत जल्द शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्णिया सिटी और माधोपाड़ा में भी ट्रू नेट मशीन की शुरुआत की जाएगी ताकि टीबी संभावित मरीजों की समय पर पहचान करते हुए संबंधित व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। समय पर जांच और उपचार कराने से टीबी ग्रसित व्यक्ति बहुत जल्द टीबी संक्रमण से सुरक्षित रहते हुए सामान्य जीवन का लाभ उठा सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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