रबीउल अव्वल का चांद नहीं दिखा, 15 अगस्त से शुरू होगा नया इस्लामी महीना

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत<&sol;strong>। खानकाह मुजीबिया&comma; फुलवारी शरीफ की केंद्रीय समिति ने गुरुवार 13 अगस्त 2026 को रबीउल अव्वल 1448 हिजरी का चांद नजर नहीं आने की घोषणा की है&period; समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार चांद दिखाई नहीं देने के कारण शनिवार 15 अगस्त 2026 को रबीउल अव्वल की पहली तारीख होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>खानकाह मुजीबिया के प्रबंधक हजरत मौलाना मिनहाजुद्दीन कादरी मुजीबी ने बताया कि रबीउल अव्वल की 12वीं तारीख बुधवार 26 अगस्त 2026 को होगी&period; इसी दिन ईद मिलादुन्नबी उर्स मुबारक मनाई जाएगी&period; खानकाह मुजीबिया की ओर से इसकी जानकारी जारी करते हुए लोगों से निर्धारित तारीख के अनुसार धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी करने की अपील की गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समिति के अनुसार गुरुवार 13 अगस्त को रबीउल अव्वल 1448 हिजरी का चांद देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से मिली सूचनाओं का संज्ञान लिया गया&comma; लेकिन चांद नजर आने की पुष्टि नहीं हुई&period; इसके बाद 15 अगस्त को रबीउल अव्वल की पहली तारीख निर्धारित की गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>खानकाह में होगा उर्स का आयोजन-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>12वीं रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर पैगंबर हजरत मोहम्मद की पैदाइश की खुशी में फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया में विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा&period; इस अवसर पर खानकाह मुजीबिया में मुबारक जियारत कराई जाती है&comma; जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ईद मिलादुन्नबी के मौके पर खानकाह मुजीबिया में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेशों से भी हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचते हैं&period; मुबारक जियारत के लिए आने वाले अकीदतमंदों को देखते हुए खानकाह परिसर और आसपास के इलाके में विशेष तैयारियां की जाती हैं&period; इस दौरान यहां बड़े मेले जैसा माहौल रहता है और दिनभर अकीदतमंदों की भीड़ जुटी रहती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>खानकाह मुजीबिया में ईद-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मिलादुन्नबी का यह आयोजन हर वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है&period; बड़ी संख्या में जायरीन यहां पहुंचकर जियारत करते हैं और देश में अमन&comma; शांति और खुशहाली की दुआ मांगते हैं&period; आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं&comma; ताकि बाहर से आने वाले जायरीन को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।<&sol;p>&NewLine;

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