सरस्वती विद्या मंदिर में त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला सम्पन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">फुलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ स्थित उदाशीन नानक शाही सरस्वती विद्या मंदिर में नए सत्र में बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और उनके शारीरिक&comma; मानसिक&comma; बौद्धिक और आध्यात्मिक विकाश की ओर शिक्षकों का ध्यान आकृष्ट करने के उद्देश्य से त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला का समापन किया गया&period; कार्यशाला के दौरान बताया गया कि ऐसे आयोजन से नए बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय और प्रांतीय स्तर पर अपने हुनर को प्रदर्शन करने का बेहतर और अवसर दिया जा सकता है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2023&sol;04&sol;IMG-20230403-WA0023-840x630&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-43761" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर अपने संबोधन में विभाग निरीक्षक डॉ रमेश मणिपाठक ने कहा कि विद्यालय की व्यवस्थित कार्य योजना विद्यालय के विकाश के लिए अति महत्वपूर्ण है&period; इसलिए आचार्यों को भी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए&period; उन्होंने कहा कि विद्या भारती के लक्ष्य को ध्यान में रख कर ही योजना बनाई गई है&period; शिक्षा का उद्देश्य है बच्चों का सर्वांगीण विकास&period; उन्होंने भारत सरकार की शिक्षा नीति की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि सरकार ने भी बच्चों के शारीरिक&comma; प्राणिक&comma; मानसिक&comma; बौद्धिक और आध्यात्मिक विकाश पर बल दिया है&period; विद्यालय स्तर से लेकर अखिल भारतीय स्तर तक कि प्रतियोगिताओं का भी बच्चों के सर्वांगीण विकाश मे काफी योगदान है&period; इसलिए हर विद्यालय को इस ओर ध्यान देना चाहिए और इसमें शिक्षकों कि काफी अहम भूमिका है &period; कहा की आचार्यों को भी कक्षा में जाने से पहले खुद को तैयार रखना चाहिए जिससे बालक बालिकाओं के हर सवालों का समाधान कर सके &period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code> इससे पहले कार्यशाला के अंतिम दिन सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन कर किया गया&period;दीप प्रज्ज्वलन प्रबंधकारिणी समिति के सह सचिव सहजानंद प्रकाश&comma; विभाग निरीक्षक डॉ रमेश मणिपाठक और धर्मयात्रा महासंघ के प्रांतीय महामंत्री तारकेश्वर उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया &period; विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष कुमार मिश्र ने दोनों पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया &period; कार्यक्रम के दौरान राजकुमार दुबे&comma; अरुण कुमार&comma; अनिल शर्मा&comma; नीलम कुमारी&comma; संजु कुमारी&comma; अजय कुमार&comma; पूनम कुमारी&comma; रेखा कुमारी समेत विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे&period; कार्यक्रम का समापन प्रधानाचार्य संतोष कुमार मिश्र ने उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन कर किया &period;<&sol;code><&sol;p>&NewLine;

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