बेटी की शादी के लिए फूलवारी थाना का चौकिदार लगा रहा गुहार, सैलरी दे दो सरकार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फूलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना का एक चौकीदार पिछले 30 वर्षों से अपने तनख्वाह के लिए ऑफिसरों के दरवाजे दरवाजे भटक रहा है। आलम यह है कि चौकीदार अखिलेश रविदास के जवान बेटी के हाथ पीले नहीं हो रहा है । अखिलेश रविदास फुलवारी शरीफ के चौहरमल नगर में रहता है। तनख्वाह नहीं मिलने से घर की माली हालत भी ठीक नहीं है और आर्थिक अभाव में बेटी की शादी नहीं हो पा रही है । इसकी कसके लिए अधिकारियों के आगे हाथ जोड़ गिड़गिड़ाने लगा है फिर भी कागजी डिफॉल्ट का हवाला देकर पुलिस अधिकारी उसे टरका दे रहे हैं। अखिलेश के पिता लालधारी रविदास फुलवारी शरीफ थाना में चौकीदार के पद पर पदस्थापित थे। 15 सितंबर 1988 को लालधारी रविदास की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अखिलेश रविदास को वर्ष 1992 में चौकीदार के पद पर अनुकंपा के आधार पर नौकरी लगी थी। तब से आज तक अखिलेश रविदास फुलवारी शरीफ थाना से लेकर पुलिस अनुमंडल कार्यालय में अपनी ड्यूटी बजा रहा। लगभग 30 वर्षों तक सरकारी नौकरी करने के बाद भी अखिलेश रविदास को आज तक वेतन के नाम पर ₹1 भी नहीं मिला।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अखिलेश रविदास ने बताया कि इनके पिता की मृत्यु के बाद इनकी बहाली 1992 में बजाता अनुकंपा के आधार पर हुई थी। अपने वेतन के निकासी के लिए इन्होंने अंचलाधिकारी से लेकर जिलाधिकारी तक आवेदन दिया था। इन्होंने चौकीदार के पद पर रहते हुए फुलवारी शरीफ थाना से लेकर डीएसपी कार्यालय तक डाक पहुंचाने से लेकर साफ-सफाई का भी काम किया। इन्होंने बताया कि थानेदार&comma; अंचल अधिकारी&comma; पटना के वरीय आरक्षी अधीक्षक से लेकर जिला अधिकारी तक गुहार लगाई। इसके बावजूद इनके वेतन का पैसा आज तक नहीं मिला।पैसे के अभाव में पीड़ित अपनी बेटी की शादी के लिए सरकार पर टकटकी लगाए बैठा है। आज भी अखिलेश रविदास अपनी सैलरी मिलने की आस में ड्यूटी बज रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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