सुरीले परिवार का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह भव्य रूप से सम्पन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>संगीत&comma; संस्कृति और कला के अनुपम संगम का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए &OpenCurlyDoubleQuote;सुरीले परिवार” का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रणव कुमार &lpar;आईएएस&rpar;&comma; सचिव &&num;8211&semi; कला संस्कृति&comma; सह सचिव &&num;8211&semi; गृह विभाग&comma; बिहार सरकार&comma; विशिष्ट अतिथि अवनीश कुमार&comma; जिला प्रोबेशन पदाधिकारी&comma; पटना&comma; बिहार&comma; एवं आदरणीया इंदु प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर सुरीले परिवार के मुख्य संरक्षक रंजन कुमार श्रीवास्तव जी&comma; पुष्पलता श्रीवास्तव&comma; परिवार के मुख्य संचालक प्रमोद कुमार सिन्हा&comma; सह संचालिका नीलम रानी जी एवं सह संचालक राजन कुमार सिन्हा जी भी उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के उपरांत ज्ञान&comma; विद्या एवं संगीत की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की छवि पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। आगत अतिथियों का स्वागत सुरीले परिवार के मुख्य संचालक श्री प्रमोद कुमार सिन्हा जी द्वारा शॉल&comma; पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ&period; नन्दन कुमार सिन्हा जी द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुई&comma; जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं सुरमय बना दिया। तत्पश्चात सुश्री आशी कंठ ने अपने मनोहारी स्वागत नृत्य से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सांगीतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में प्रथम प्रस्तुति &OpenCurlyDoubleQuote;सत्यम शिवम सुंदरम” गीत के साथ श्रीमती नीलम रानी जी द्वारा दी गई। इसके पश्चात श्री प्रमोद कुमार सिन्हा जी ने &OpenCurlyDoubleQuote;मेरा जूता है जापानी” गीत की जोरदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। आगे चलकर समूह गीत की प्रस्तुति श्री प्रमोद कुमार सिन्हा&comma; श्री अशोक कुमार एवं डॉ&period; नन्दन कुमार सिन्हा द्वारा दी गई&comma; जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी कलाकारों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा अंगवस्त्रम एवं &OpenCurlyDoubleQuote;सुरमयी प्रतिभा सम्मान” से सम्मानित किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री प्रणव कुमार जी ने महाकवि भर्तृहरि के प्रसिद्ध श्लोक—<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>&OpenCurlyDoubleQuote;साहित्यसंगीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः”<br>का उल्लेख करते हुए कहा कि संगीत मानव जीवन का अभिन्न अंग है और इसके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कला एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा कलाकारों के संरक्षण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी&comma; जिनमें वरिष्ठ कलाकारों के लिए पेंशन योजना एवं देशभर के कलाकारों के ऑनलाइन पंजीकरण की महत्वपूर्ण योजना शामिल है। उन्होंने संस्था के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि श्री अवनीश कुमार जी ने अपने संबोधन में कहा कि गीत&comma; नृत्य एवं संगीत जीवन के अभिन्न अंग हैं और आज विश्वभर में संगीत के माध्यम से उपचार &lpar;म्यूजिक थेरेपी&rpar; भी किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में अनेक कलाकारों द्वारा एकल एवं युगल गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं&comma; जिनमें श्री आलोक रंजन&comma; श्री दयानंद जी&comma; श्री अचल जी&comma; श्री राजेश जी&comma; श्री राजीव कंठ&comma; श्री प्रवीण जी&comma; श्री विद्यानंद जी&comma; श्री विनीत जी&comma; श्री मनीष जी&comma; श्री प्रिंस जी&comma; श्री रविंद्र जी&comma; श्रीमती सोनी प्रिया कंठ जी&comma; श्रीमती बबली जी&comma; श्रीमती पुष्पलता श्रीवास्तव जी&comma; श्रीमती संध्या जी&comma; श्रीमती रजनी जी&comma; श्रीमती दीपाली जी&comma; श्रीमती अभिलाषा जी&comma; श्रीमती आकांक्षा जी&comma; डॉ&period; नन्दन कुमार सिन्हा जी&comma; श्रीमती नीलम रानी जी&comma; श्री प्रमोद कुमार सिन्हा जी&comma; श्री रंजन श्रीवास्तव जी&comma; श्री राजन कुमार सिन्हा जी&comma; श्री राजीव कंठ जी सहित अन्य कलाकार शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ&period; नन्दन कुमार सिन्हा जी ने श्री अशोक कुमार जी के सहयोग से किया। कार्यक्रम का समापन सूरीले परिवार के मुख्य संरक्षक श्री रंजन कुमार श्रीवास्तव जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी आगत अतिथियों&comma; विशेष रूप से मुख्य अतिथि&comma; विशिष्ट अतिथि एवं अपनी स्नेहमयी उपस्थिति एवं आशीर्वाद से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने वाली आदरणीया श्रीमती इंदु प्रसाद जी के प्रति आभार व्यक्त किया।<&sol;p>&NewLine;

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