ज्यादा केएमसी देने से कमजोर शिशु घर में ही हो सकते हैं स्वस्थ्य और सुरक्षित : एएनएम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा होने पर माँ और होने वाले शिशु को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए आशा कर्मियों द्वारा लाभार्थी को नजदीकी अस्पताल लाया जाता है। अस्पताल में एएनएम के सहयोग से स्वस्थ्य और सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध कराते हुए माँ और नवजात शिशु को सुरक्षित किया जाता है। जन्म के बाद नवजात शिशु का वजन 02 किलोग्राम या 02 किलोग्राम से कम होने वाले शिशु को कंगारू मदर केयर &lpar;केएमसी&rpar; विधि द्वारा सुरक्षित किया जाता है। शिशु के जन्म के बाद सामान्य कम वजन वाले शिशु के परिजनों को घर में कंगारू मदर केयर विधि द्वारा सुरक्षित रखने की जानकारी दी जाती है जिससे कि शिशु बहुत जल्द विकास करते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित हो सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ज्यादा केएमसी देने से कमजोर शिशु घर में ही हो सकते हैं स्वस्थ्य और सुरक्षित &colon; एएनएम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>के&period; नगर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम में कार्यरत एएनएम संगीता सोरेन ने बताया कि जब गर्भवती महिला प्रसव कराने के लिए अस्पताल आती है तो उन्हें लेबर रूम में ले जाकर उसकी जांच की जाती है। जांच में प्रसव पीड़ा के आधार पर महिला को लेबर वार्ड में अस्पताल रूम में रखा जाता है। पीभी जांच के दौरान ज्यादा प्रसव पीड़ा नहीं पाए जाने वाले महिला को घर भेज दिया जाता है जबकि प्रसव पीड़ा पाए जाने वाली महिला को अस्पताल में एडमिट करते हुए प्रसव कराया जाता है। प्रसव होने पर एएनएम के सहयोग से शिशु का प्रसव कराते हुए माँ और बच्चा को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। प्रसव के बाद बच्चा को वार्नर में रखते हुए बच्चे के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। उसके बाद बच्चे को माँ के साथ रखते हुए शिशु का स्तनपान कराया जाता है। जन्म के बाद नवजात शिशु को एक घंटे के अंदर माँ के पास रखते हुए स्तनपान कराया जाता है जिससे कि बच्चा और माँ दोनों स्वस्थ्य रह सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>02 किलोग्राम से कम वजन वाले बच्चों को कराया जाता है कंगारू मदर केयर &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एएनएम संगीता सोरेन ने बताया कि जन्म के बाद नवजात शिशु का वजन लिया जाता है। इस दौरान बच्चे का वजन 02 किलोग्राम से कम होने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कंगारू मदर केयर विधि द्वारा सुरक्षित किया जाता है। प्रसव के बाद माँ और बच्चे को सामान्य वार्ड में रखते हुए माँ द्वारा बच्चे को केएमसी करवाने की जानकारी दी जाती है। प्रसव के बाद माँ के स्वस्थ्य होने पर उन्हें शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कंगारू मदर केयर सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी जाती है। कंगारू मदर केयर के दौरान माँ द्वारा बच्चे को अपने सीने में रखते हुए उसके शरीर में गर्मी उपलब्ध कराई जाती है। माँ के नहीं करने पर घर के अन्य सदस्यों द्वारा शिशु को कंगारू मदर केयर सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। इस दौरान शिशु और माँ या अन्य सहयोगी परिजन द्वारा कपड़ा अपना और शिशु का कपड़ा खोलकर सीने में रखते हुए उन्हें गर्भ किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इस दौरान बच्चे को माथा में कैप&comma; हाथ में ग्लब्स और पैर में मौजा पहनाते हुए हुए माँ या अन्य परिजनों के छाती में रखते हुए गर्म और सुरक्षित रखा जाता है। इस दौरान परिजन और बच्चे को चादर ओढ़कर छाती में लगाकर रखना है। बच्चा जितना देर गर्म में रहेगा उसके शरीर का ग्रोथ उतना जल्दी से होगा और बच्चा स्वस्थ्य रहेगा। बच्चे का जल्दी से विकास के लिए नियमित अंतराल पर कंगारू मदर केयर विधि द्वारा बच्चे को सीने में एक घंटा या उससे अधिक समय तक सीने में रखना चाहिए। बच्चे को कंगारू मदर केयर माँ या किसी अन्य सदस्य द्वारा नियमित रूप से दिया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> कंगारू मदर केयर विधि द्वारा बच्चे के शरीर में गर्माहट होना चाहिए। यह घर के किसी भी सदस्य द्वारा नियमित अंतराल पर किया जाना चाहिए। इसके साथ साथ बच्चे को माँ द्वारा नियमित रूप में स्तनपान कराते रहना चाहिए। दिन में कम से कम 8 से 10 बार माँ द्वारा नवजात शिशु को स्तनपान कराना सुनिश्चित करना चाहिए जिससे कि बच्चा बिल्कुल स्वस्थ्य और सुरक्षित हो सके। कंगारू मदर केयर द्वारा बच्चे को सामान्य वजन होने तक रखना आवश्यक है जिससे कि बच्चा सामान्य बच्चों की तरह विकास होगा और स्वास्थ्य रहेगा। केएमसी द्वारा बच्चे को 2&period;5 किलोग्राम होने तक सुरक्षित किया जाता है जिसके बाद बच्चा सामान्य शिशुओं की तरह विकास कर सकेगा और स्वास्थ्य रहेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र&comma; के&period; नगर में कमजोर नवजात शिशु की देखभाल के लिए सभी सुविधाएं रहती है उपलब्ध &colon; बीएचएम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>के&period; नगर प्रखंड के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक &lpar;बीएचएम&rpar; विभव कुमार ने बताया कि माँ और शिशु को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल में सभी जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध रहती है। इस दौरान कम वजन वाले बच्चों को जांच के साथ साथ कंगारू मदर केयर सुविधा का लाभ उठाने की जानकारी दी जाती है। इसके बाद भी शिशु के वजन में कमी लगातार पाए जाने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में शिशु विशेषज्ञ से जांच कराते हुए आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि बच्चा विकास कर सके और बिल्कुल स्वास्थ्य और सुरक्षित रह सके। अस्पताल से जाने पर भी स्थानीय आशा कर्मियों द्वारा बच्चे के विकास की जानकारी ली जाती है और बच्चों को जरूरत के अनुसार आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाती है जिससे कि बच्चा समय पर स्वस्थ्य हो जाता है।<&sol;p>&NewLine;

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