लेबर कोड के विरोध में सड़कों पर उतरे सुधा डेयरी मजदूर, जुलूस निकालकर 9 सूत्री मांगों को बुलंद किया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>सुधा डेयरी में दूध सप्लाई कार्य से जुड़े सैकड़ों ठेका मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर रविवार को फुलवारी शरीफ में जोरदार प्रदर्शन किया&period; ऐक्टू &lpar;AICCTU&rpar; से जुड़े मजदूरों ने पहले सभा की&comma; इसके बाद जुलूस निकालकर पूरे इलाके में प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व ऐक्टू राज्य सचिव सह सुधा डेयरी&comma; पटना जिला निजी वाहन चालक एवं कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रणविजय कुमार ने किया&period; उनके नेतृत्व में मजदूरों ने अपनी 9 सूत्री मांगों को पुरजोर ढंग से उठाया और चेतावनी दी कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू 4 लेबर कोड को मजदूर विरोधी और कॉरपोरेटपरस्त बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की&period; मजदूरों ने कहा कि इन कानूनों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और ठेका मजदूरों का शोषण बढ़ेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रणविजय कुमार ने कहा कि सुधा डेयरी प्रबंधन को जून 2025 में ही 9 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था&comma; लेकिन 10 महीने बीत जाने के बावजूद आज तक न तो कोई वार्ता की गई और न ही किसी मांग पर अमल किया गया&period; उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद प्रबंधन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है&comma; जिससे मजदूरों में भारी आक्रोश है। मजदूरों की प्रमुख मांगों में दूध वितरण में कार्यरत चालकों एवं उपचालकों &lpar;खलासी&rpar; को पहचान पत्र देना&comma; उपचालकों को अर्धकुशल एवं चालकों को कुशल श्रेणी के अनुसार न्यूनतम मजदूरी देना&comma; साप्ताहिक एवं राष्ट्रीय अवकाश लागू करना&comma; लीकेज मुआवजा देना&comma; ईएसआई और ईपीएफ का लाभ सुनिश्चित करना&comma; वाहनों में दूध का ओवरलोडिंग बंद करना तथा दुर्घटना होने पर उचित मुआवजा देना शामिल है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बेहद कम वेतन पर काम कराया जा रहा है और बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है&period; कई मजदूरों ने बताया कि काम के दौरान दुर्घटना होने पर भी उन्हें किसी तरह की सहायता नहीं मिलती। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि &OpenCurlyDoubleQuote;लेबर कोड वापस लो”&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;मजदूर विरोधी नीति बंद करो” और &OpenCurlyDoubleQuote;हमारा हक दो”&period; जुलूस पूरे इलाके में घूमते हुए वापस सभा स्थल पर समाप्त हुआ। अंत में यूनियन नेताओं ने स्पष्ट कहा कि अगर प्रबंधन जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं करता है&comma; तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और सड़क से लेकर प्रशासन तक घेराव किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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