मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली बैठक संपन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; à¤œà¤¯à¤¾ कुमारी &colon; <&sol;strong>बिहार राज्य में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव&comma; बिहार श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप &lpar;CMG&rpar; की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में विकास आयुक्त&comma; अपर मुख्य सचिव &lpar;गृह&rpar;&comma; पुलिस महानिदेशक सहित कृषि&comma; स्वास्थ्य&comma; नगर विकास एवं आवास&comma; खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण&comma; सहकारिता&comma; श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण&comma; ऊर्जा&comma; परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव&sol;सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों के प्रभारी सचिव&comma; जिलाधिकारी&comma; पुलिस अधीक्षक &lpar;एसपी&rpar; और प्रमंडलीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इसके अतिरिक्त&comma; प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह &lpar;CMG&rpar; का नोडल विभाग नामित किया गया है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक अब प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश निम्नलिखित हैं&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ol class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>पीएनजी &lpar;PNG&rpar; कनेक्शन एवं बुनियादी ढांचे की प्रगति&colon; सचिव&comma; खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि वर्तमान में व्यावसायिक मांग &lpar;Commercial Demand&rpar; का 60 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। पूरे बिहार में पीएनजी &lpar;PNG&rpar; कनेक्शन के लिए 3&comma;68&comma;783 घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है&comma; जिसमें से 2&comma;30&comma;939 घर कनेक्शन हेतु तैयार हैं और 31&comma;458 घर चार्जिंग हेतु तैयार हैं। मुख्य सचिव ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि राज्य के 14 जिलों में पीएनजी कार्य की प्रगति शून्य है। उन्होंने इन जिलों के जिलाधिकारियों और एसपी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। पीएनजी कनेक्शन लगाने हेतु पूरे बिहार को 14 भौगोलिक क्षेत्रों &lpar;Geographical Areas&rpar; में बांटा गया है। मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को मानव संसाधन&comma; मशीनरी और ठेकेदारों की पर्याप्त संख्या का आकलन कर उनकी अविलंब उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>एलपीजी &lpar;LPG&rpar; और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति&colon; एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रहे बैकलॉग की गहन समीक्षा की गई। पश्चिम चंपारण&comma; भोजपुर&comma; गया&comma; दरभंगा&comma; नालंदा&comma; रोहतास&comma; मुजफ्फरपुर&comma; सारण&comma; वैशाली&comma; बेगूसराय&comma; भागलपुर&comma; पूर्वी चंपारण&comma; जहानाबाद और जमुई जिलों में अधिक बैकलॉग पाए जाने पर मुख्य सचिव ने वहां के जिलाधिकारियों और एसपी को इसे अविलंब कम करने के सख्त निर्देश दिए। सभी एसपी को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करें ताकि डीजल और पेट्रोल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से लगातार जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया । उन्होंने कहा &&num;8216&semi;दीदी की रसोई&&num;8217&semi; एवं सभी सरकारी छात्रावासों में एलपीजी की आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस&colon; मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस समय में जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना बढ़ जाती है&comma; जिसे रोकना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान इसमें संलिप्त पाया जाता है&comma; तो उस पर तत्काल प्राथमिकी &lpar;FIR&rpar; दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। सीमावर्ती जिलों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है&comma; क्योंकि वहां कालाबाजारी की आशंका अधिक होती है। किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>प्रवासी श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन जारी करने का निर्देश &colon; श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल एक टोल-फ्री नंबर &lpar;Toll-Free Number&rpar; जारी करें। इस नंबर के माध्यम से मध्य पूर्व या देश के अन्य राज्यों से वापस आ रहे बिहारी श्रमिकों को सरकारी सहायता के बारे में जानकारी आसानी से प्रदान की जा सके। जिलाधिकारियों को भी अपने जिलों में आ रहे प्रवासी मजदूरों का सटीक डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण एवं जन-संवाद&colon; मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन अपराह्न 3&colon;00 बजे प्रेस वार्ता आयोजित करने पर विशेष ज़ोर दिया&comma; ताकि जनता तक सटीक और प्रामाणिक जानकारी पहुंचाई जा सके और भय का माहौल न बने। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक एवं फर्जी खबरों का समय पर खंडन किया जाए। जिलाधिकारी स्वयं नियंत्रण कक्ष &lpar;Control Room&rpar; का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण हो तथा लंबित शिकायतों की संख्या में निरंतर गिरावट आए।<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>प्रभारी सचिवों एवं आयुक्तों का स्थलीय निरीक्षण &lpar;Field Visit&rpar;&colon; मुख्य सचिव ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे आगामी दो दिनों के भीतर अपने निर्धारित जिलों का स्थलीय निरीक्षण करें। इस भ्रमण के दौरान वे मुख्य रूप से एलपीजी गैस सिलेंडर के स्टॉक की उपलब्धता&comma; बैकलॉग में आई कमी&comma; प्रतिदिन आयोजित होने वाली प्रेस वार्ता&comma; नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली और प्रवासी मजदूरों के आगमन की स्थिति का बारीकी से अनुश्रवण करेंगे।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ol>&NewLine;

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