भिखना गांव में विष्णु महायज्ञ में बह रही भक्ति की धारा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिले के रूपौली प्रखंड के ग्राम पंचायत भिखना गांव में श्रीश्री 1008 विष्णु महायज्ञ के प्रवचन मंच का शुभारंभ मंगलवार को श्री इन्द्रदेव सरस्वती जी महाराज तथा पूर्णिया के पूर्व सांसद पप्पू सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्धघाटन किया। मौके पर अपने प्रवचन के दौरान इन्द्रदेव जी महाराज ने विवेचना करते हुए कहा&comma;कि यज्ञ से मनुष्य की आत्मा की शुद्धि होती है&comma;बल्कि यज्ञ में होने वाले हवन में प्रयुक्त समिधाओं के धुंआ से पर्यावरण भी स्वच्छ होता है। धर्म हीं एक मात्र माध्यम है&comma;जो मनुष्यता को बचाकर ईश्वर से एकाकार कर देता है। अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने ये भी कहा&comma;कि कथा मनोरंजन का साधन नहीं है। कथा तो आत्मा को शुद्ध करने वाली ज्ञान की गंगा है। जिसमें बहकर&comma;डूबकर हीं जीवनरूपी भव सागर पार किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> कथा में ये भी कहा&comma;कि इस बदलते परिवेश में हम सब को जागृति और जागरूकता की आवश्यकता है। जो सच्चे मन से ईश्वर से प्रार्थना कर हीं किया जा सकता है। श्री महाराज जी ने कहा&comma;कि इस प्रवचन के माध्यम से हीं हम सब ये कामना करते हैं&comma;कि मेरे देश के संत तपोनी होकर समाज व देश को जोड़ने का कार्य करें। देश के क्षेत्रीय अपने बाहूबाज का प्रयोग करते हुए राष्ट्र की रक्षा करें। मेरे देश के नौजवान नशे का सेवन कर अपनी जवानी को बर्बाद ना करें। उन्होंने यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा&comma;कि यज्ञ प्रकृति के निकट रहने का साधन है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रोग-नाशक औषधियों से किया यज्ञ रोग निवारण वातावरण को प्रदूषण से मुक्त करके स्वस्थ रहने में सहायक होता है। यज्ञ शब्द यज्ञ एवं धातु से सिद्ध होता है। इसका अर्थ है देव पूजा&comma;संगति करण और दान। संसार के सभी श्रेष्ठ कर्म यज्ञ कहे जाते हैं। यज्ञ को अग्निहोत्र&comma; देवयज्ञ&comma; होम&comma;हवन&comma;अध्वर भी कहते हैं। जहां होम होता है वहां से दूर देश में स्थित पुरुष की नासिका से सुगंध का ग्रहण होता है। परोपकार की सर्वोत्तम विधि हमें यज्ञ से सीखनी चाहिए। जो हवन सामग्री की आहूति दी जाती है&comma;उसकी सुगंध वायु के माध्यम से अनेक प्राणियों तक पहुंचती है। उसकी सुगंध से आनंद अनुभव करते हैं। सुगंध प्राप्त करनेवाले व्यक्ति याज्ञिक को नहीं जानते और न हीं याज्ञिक उन्हें जानता है&comma;फिर भी परोपकार हो रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं इस मौके पर पूर्व सांसद पप्पू सिंह के अलावे रूपौली के पूर्व विधायक शंकर सिंह&comma;लोजपा नेता चंदन सिंह&comma;लक्ष्मीपुर गिरधर पंचायत के मुखिया सोनी सिंह&comma;मुखिया प्रतिनिधि राजू सिंह&comma;क्रर्मणचक मुखिया सोनी सिंह&comma;भिखना पंचायत के भूतपूर्व मुखिया युवराज मंडल आदि ने इन्द्रदेव जी महाराज को प्रवचन मंच पर फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान यज्ञ कार्यकारी समिति के अध्यक्ष आजाद कुमार सिंह सहित अशोक कुमार सिंह&comma;आशीष कुमार चन्द&comma;सिंटू सिंह ऊर्फ धीरज सिंह&comma;गब्बर सिंह&comma;अभिषेक मंडल&comma;राजकुमार गुप्ता&comma;मंटुन सिंह&comma;बबलू झा&comma;मंचू सिंह&comma; संतोष सिंह&comma;मनोज सिंह&comma; प्रशांत सिंह&comma;दिलखुश सिंह आदि ने बताया&comma;कि बीते 11 फरवरी से कलश यात्रा के साथ शुरू हुए इस विष्णु महायज्ञ की समाप्ति अगामी 19 फरवरी को होना है। इस महायज्ञ के दौरान हवन&comma;प्रवचन एवं रासलीला का कार्यक्रम लगातार चल रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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