गैर संचारी रोगों की जांच को लेकर जिले में विशेष अभियान संचालित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग जिले में एनसीडी यानी गैर संचारी रोगों की जांच को बढ़ावा देने को लेकर जरूरी पहल की जा रही है। गौरतलब है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलने वाले रोगों को गैर संचारी रोग कहा जाता है। आमतौर पर यह रोग जीवनशैली&comma; आनुवांशिकता&comma; पर्यावरण व दीर्घकालिक स्वास्थ्य कारकों की वजह से मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। डायबिटीज&comma; हृदय संबंधी रोग जैसे उच्च रक्तचाप&comma; कैंसर&comma; सांस से संबंधित बीमारियां&comma; गुर्दा व यकृत संबंधी विकार व मानसिक रोग गैर संचारी रोगों की श्रेणी में शामिल हैं। गैर संचारी रोगों के मामले में बेहतर इलाज के लिये बीमारी का समय पर पता चलना जरूरी होता है। एनसीडी रोगों की जांच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में आगामी 31 मार्च तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस क्रम 30 साल से अधिक उम्र के ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की कवायद विभाग द्वारा की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिले में तेजी से बढ़ रहे हैं एनसीडी रोग संबंधी मामले<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनसीडीओ डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अस्वस्थ खान &&num;8211&semi; पान&comma; शारीरिक गतिविधियों की कमी&comma; धूम्रपान&comma; शराब सहित अन्य मादक पदार्थ का सेवन&comma; मानसिक तनाव&comma; वायु प्रदूषण व अन्य पर्यावरणीय कारणों की वजह से हाल के वर्षों में एनसीडी रोगों के मामले में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग इन रोगों की रोकथाम व ससमय उपचार को बढ़ावा देने के प्रयासों में जुटा है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार व नियमित व्यायाम&comma; धूम्रपान व शराब का सेवन&comma; नियमित स्वास्थ्य जांच&comma; तनाव प्रबंधन व पर्याप्त नींद गैर संचारी रोगों से बचाव में बेहद सहायक हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अधिक अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित कराना लक्ष्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनसीडी रोगों की जांच को लेकर संचालित विशेष अभियान के क्रम में जिले में 30 साल से अधिक उम्र के ज्यादा से ज्यादा लोगों के जांच का लक्ष्य निर्धारित है। जानकारी मुताबिक जिले में 30 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों की कुल आबादी 12 लाख से अधिक है। अभियान के क्रम में उक्त आयु वर्ग के अधिक से अधिक लोगों के जांच की कवायद की जा रही है। इसके लिये सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रति दिन अपने पोषक क्षेत्र के कम से कम 12 लोगों का एनसीडी जांच सुनिश्चित कराने के लिये निर्देशित किया गया है। इसके अलावा सदर अस्पताल&comma; अनुमंडल अस्पताल सभी पीएचसी सहित जिले के तमाम स्वास्थ्य संस्थाओं में एनसीडी रोगों की जांच को लेकर विशेष इंतजाम किये गये हैं। सभी एचडब्ल्यूसी पर कार्यरत सीएचओ को अपने संस्थान में विशेष स्वास्थ्य कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित कराने के निर्देशित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गंभीर रोगों की रोकथाम में मिलेगी मदद<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि जिले में गैर-संचारी रोगों की जांच को लेकर व्यापक पैमाने पर अभियान संचालित किया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच संभव हो सके। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य डायबिटीज&comma; हाई ब्लड प्रेशर&comma; कैंसर जैसी बीमारियों की पहचान कर शुरुआती चरण में इलाज सुनिश्चित करना है। इसके लिये स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष अभियान संचालित किये जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ अभियान को सफल बनाने की मुहिम में जुटी है। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि समय पर जांच व उपचार से जिले में गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।<&sol;p>&NewLine;

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