फुलवारी में टेंपो स्टैंड का अभाव बना बड़ी समस्या : रोजाना झगड़े, मारपीट और जाम से जूझ रहे ऑटो चालक व आम लोग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में वर्षों से स्थायी टेंपो और ऑटो स्टैंड नहीं होने की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है&period; शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल चनौती कुआं&comma; थाना मोड़&comma; नगर परिषद परिसर के आसपास तथा ईसापुर मिशन रोड मार्ग पर प्रतिदिन जाम&comma; विवाद और मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं&period; सबसे अधिक परेशानी ऑटो चालकों&comma; स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को उठानी पड़ रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारी शरीफ का चनौती कुआं क्षेत्र शहर की जीवनरेखा माना जाता है&period; यहां से ईसापुर&comma; मिशन रोड&comma; सुरक्षा बांध&comma; धारावाहिक नगर&comma; आलमपुर&comma; गोविंदपुरा&comma; गोलपुरा&comma; एम्स&comma; जयप्रकाश नगर&comma; दुपहरचक समेत दर्जनों इलाकों के लिए ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन होता है&period; रोजाना हजारों यात्री इसी मार्ग से आवागमन करते हैं&period; बावजूद इसके आज तक यहां किसी व्यवस्थित टेंपो स्टैंड की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ऑटो चालकों का कहना है कि सवारी बैठाने और उतारने के लिए उनके पास कोई निर्धारित स्थान नहीं है&period; मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे&comma; चौराहे के आसपास अथवा दुकानों के सामने वाहन खड़ा करना पड़ता है&period; इससे जाम की स्थिति बन जाती है और विवाद शुरू हो जाता है&period; कई बार बात गाली-गलौज से आगे बढ़कर मारपीट तक पहुंच जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चालकों का आरोप है कि जाम लगने पर सबसे पहले कार्रवाई उन्हीं पर होती है&comma; जबकि समस्या की जड़ स्थायी स्टैंड का अभाव है&period; उनका कहना है कि स्थानीय प्रशासन&comma; नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया&comma; लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय दुकानदारों का भी कहना है कि दिनभर सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े ऑटो के कारण ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है&period; कई बार दुकान के सामने ऑटो खड़ा कर दिए जाने से विवाद की स्थिति बन जाती है&period; वहीं स्थानीय निवासी भी लगातार बढ़ रहे जाम और शोरगुल से परेशान हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारी शरीफ का यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है&period; ईसापुर&comma; गुलिस्तान मोहल्ला&comma; राय चौक&comma; कुरकुरी&comma; बहादुरपुर&comma; हिंदूनी&comma; आलमपुर&comma; गोण पुरा&comma; हसनपुरा&comma;शाहपुर&comma; डीब ड़ा&comma; माधोपुर और आसपास की नई बसी कॉलोनियों के हजारों लोगों का रोजाना आना-जाना इसी मार्ग से होता है&period; इन इलाकों के लिए ऑटो और ई-रिक्शा ही सबसे सुलभ सार्वजनिक परिवहन का साधन हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या की ओर जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं गया है&period; लोगों का कहना है कि वे हर चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं और जनप्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा और संसद तक भेजते हैं&comma; लेकिन चुनाव जीतने के बाद सांसद और विधायक जनता की मूलभूत समस्याओं से दूर हो जाते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि क्षेत्र में केवल उद्घाटन&comma; शिलान्यास&comma; राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक समारोहों में ही दिखाई देते हैं&period; सड़क&comma; यातायात&comma; जलनिकासी और टेंपो स्टैंड जैसी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी सक्रियता नजर नहीं आती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसी मार्ग से प्रतिदिन ऑटो से सफर करने वाले जनता दल यूनाइटेड के नेता महेश पासवान ने कहा कि फुलवारी शरीफ में टेंपो स्टैंड का अभाव लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है&period; इसके कारण रोजाना जाम लगता है&comma; विवाद होते हैं और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है&period; उन्होंने कहा कि चाहे सांसद हों या विधायक&comma; किसी ने भी इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महेश पासवान ने कहा कि जनता को भी अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगना चाहिए&period; उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के जनप्रतिनिधियों का चुनाव जनता करती है&comma; उसी प्रकार की व्यवस्था और परिणाम उसे देखने को मिलते हैं&period; यदि जनता अपनी समस्याओं को लेकर सजग होगी और जवाबदेही तय करेगी तो विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुबह पांच बजे से लेकर देर रात तक इस मार्ग पर ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन होता है&period; स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र&comma; नौकरीपेशा लोग&comma; मरीज और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले यात्री बड़ी संख्या में इन वाहनों पर निर्भर रहते हैं&period; ऐसे में एक सुव्यवस्थित टेंपो स्टैंड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि जल्द ही स्थायी टेंपो स्टैंड का निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है&period; रोजाना हो रहे विवाद किसी बड़े संघर्ष का रूप ले सकते हैं&period; साथ ही जाम की समस्या भी लगातार विकराल होती जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन&comma; नगर परिषद&comma; सांसद और विधायक से मांग की है कि फुलवारी शरीफ में शीघ्र स्थायी टेंपो एवं ऑटो स्टैंड का निर्माण कराया जाए&period; इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि ऑटो चालकों&comma; दुकानदारों और आम नागरिकों के बीच होने वाले विवादों पर भी रोक लग सकेगी&period; इसके साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु और सुरक्षित बन सकेगी&period; कई ऑटो चालकों ने अपना दर्द सुनाते हुए कहा कि आए दिन उन्हें थप्पड़ खाना पड़ता है कभी राहगीर से तो कभी स्थानीय दुकानदार या स्थानीय लोगों से &comma; इसके बावजूद वे लोग अपनी रोजी-रोटी पेट की खातिर इस इलाके में ऑटो चलाने को मजबूर है।<&sol;p>&NewLine;

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