56वीं वाहिनी SSB बथनाहा में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन, ब्रह्माकुमारी बहनों ने जवानों की कलाई पर बांधी राखी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;strong> 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल &lpar;SSB&rpar; मुख्यालय बथनाहा में शुक्रवार&comma; 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पावन पर्व हर्षोल्लास&comma; आत्मीयता और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय&comma; फारबिसगंज की बहनों ने सीमा सुरक्षा में तैनात SSB जवानों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ&comma; सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का आयोजन द्वितीय कमान अधिकारी नितिन कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन एवं गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा जवानों को राखी बांधने का दृश्य भावुक और आत्मीय रहा। देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपने घर-परिवार से दूर रहने वाले जवानों ने भी बहनों को सदैव सुरक्षा और सम्मान का वचन दिया। इस अवसर पर जवानों ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं&comma; बल्कि विश्वास&comma; जिम्मेदारी और सुरक्षा के संकल्प का भी प्रतीक है। सीमा पर तैनात जवानों के लिए इस तरह के आयोजन परिवार से दूर होने की कमी को कुछ हद तक पूरा करते हैं और उनमें नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार करते हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान प्रवीण कुमार&comma; द्वितीय कमान अधिकारी&comma; 56वीं वाहिनी बथनाहा&comma; रविकांत चौधरी&comma; उप-कमांडेंट&comma; सहित अन्य अधिकारी एवं बल कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में उनके समर्पण और सेवाभाव की सराहना की। इस मौके पर द्वितीय कमान अधिकारी नितिन कुमार गुप्ता ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते&comma; विश्वास और सुरक्षा की भावना का पर्व है। देश की रक्षा में अपने परिवार से दूर रहकर कर्तव्य निभाने वाले SSB जवानों के लिए ब्रह्माकुमारी बहनों का यह स्नेह और आशीर्वाद बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन जवानों में आत्मीयता&comma; मनोबल और राष्ट्र सेवा के संकल्प को और मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों की रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन का यह आयोजन आपसी भाईचारे&comma; प्रेम&comma; सद्भाव और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने वाला है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने देश की एकता&comma; अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया। रक्षाबंधन का यह आयोजन 56वीं वाहिनी के जवानों के लिए भावनात्मक जुड़ाव और देशभक्ति की यादगार मिसाल बन गया।<&sol;p>&NewLine;

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