राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बिहार के बुनकरों को बड़ी सौगात, कार्यशील पूंजी एवं बिजली अनुदान के लिए सहायता स्वीकृत

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आज बिहार में हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय&comma; उद्योग विभाग द्वारा राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह दिवस हथकरघा उद्योग के महत्व तथा इससे जुड़े बुनकरों के योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित खादी मॉल का भ्रमण किया तथा वहाँ प्रदर्शित हस्तकरघा उत्पादों एवं बुनकरों के कार्यों का अवलोकन किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उनकी उपस्थिति ने राज्य के हथकरघा एवं बुनकर समुदाय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया। इस अवसर पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह निदेशक&comma; हस्तकरघा एवं रेशम&comma; डॉ&period; विद्यानंद सिंह तथा पटना के जिलाधिकारी श्री कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी और हस्तकरघा केवल वस्त्र नहीं&comma; बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत&comma; आत्मनिर्भरता तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार हैं। इनके संवर्धन से स्थानीय बुनकरों&comma; कारीगरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा बिहार की पारंपरिक कला एवं शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर को और सार्थक बनाते हुए विभाग ने दो योजना के अंतर्गत बुनकरों को सहायता प्रदान की गयी है । यूआईडी उत्कीर्ण हस्तकरघा&sol;लूम धारक बुनकरों को कार्यशील पूँजी के रूप में ₹15&comma;000 प्रति बुनकर की दर से सहायता उपलब्ध कराने हेतु ₹1&comma;00&comma;65&comma;000 की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही&comma; विद्युतकरघा बुनकरों को वस्त्र उत्पादन में हुई बिजली खपत पर ₹3&period;00 प्रति यूनिट की दर से अनुदान देने की योजना के तहत ₹262&period;35 लाख की राशि दी गई&comma; जिससे राज्य के लगभग 29&comma;000 विद्युतकरघा बुनकर लाभान्वित होंगे&comma; जो मुख्य रूप से गया&comma; भागलपुर&comma; बांका&comma; नालन्दा&comma; पटना एवं पश्चिम चम्पारण जिलों में कार्यरत हैं। ये स्वीकृतियाँ बुनकरों की आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में सरकार के सतत प्रयासों का हिस्सा हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में भी हथकरघा दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया&comma; जिसमें पटना स्थित उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इन आयोजनों में बुनकरों&comma; कारीगरों एवं हस्तकरघा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;

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