कानु समाज नेपाल पर्सा जिला नवनिर्वाचित कार्यसमिति का सपथग्रहण तथा पदस्थापन सम्पन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">जोगबनी&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> कानु समाज नेपाल पर्सा के नवनिर्वाचित कार्यसमिति के पदाधिकारी व सदस्य के सपथग्रहण तथा पदस्थापन समारोह एक कार्यक्रम के बिच सम्पन्न हुआ । शनिवार को पोखरिया के शिवम् पार्टी पैलेस में आयोजित समारोह में कानु समाज नेपाल पर्सा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष लक्ष्मण साह कानु उपाध्यक्ष सोनालाल गुप्ता सचिव श्रवण प्रसाद साह &comma;सह सचिव सुरेन्द्र साह कानु&comma; कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश साह सदस्य रुपनारायण साह&comma; राजेन्द्र साह&comma; दयानन्द कुमार साह&comma;राजन साह सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य को निर्वाचन अधिकृत प्रमेन्द्र प्रसाद के द्वारा प्रमाणत्रपत्र प्रदान कर पदस्थापन कराया गया ।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर कानु समाज नेपाल के केन्द्रिय अध्यक्ष किशोरी प्रसाद कानु के द्वारा नवनिर्वाचित पदाधिकारी व सदस्य को फुलमाला व गम्छा ओढा कर बधाई देते हुए सफल कार्यकाल का शुभकामना व्यक्त किया । समारोह को सम्बोधन करते हुए कार्यक्रम के प्रमुख अथिति कानु समाज नेपाल के केन्द्रीय अध्यक्ष के द्वारा नवनिर्वाचित समिति को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक पड़ने वाले सम्पुर्ण सहयोग उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता जाहिर किया <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीँ इस कार्यक्रम में बिशिष्ट अतिथि के रूप में कानु समाज नेपाल के पुर्व केन्द्रिय अध्यक्ष हरिहर साह कानु&comma; अतिथि छिपहरमाई गाव पालिका के अध्यक्ष मनोज गुप्ता&comma; निवर्तमान जिला अध्यक्ष रामबाबु साह&comma; योगेन्द्र प्रसाद कानु सहित अन्य की सहभागीता थी। कार्यक्रम में स्वागत मन्तव्य कानु समाज नेपाल पोखरिया नगर समिति के अध्यक्ष रामदयाल प्रसाद साह कानु ने किया तो कार्यक्रम का सहजिकरण मनोहर साह के द्वारा किया गया ।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

श्री रामचरितमानस महायज्ञ के नवम दिवस राम राज्याभिषेक का भव्य आयोजन

पटना सिटी में गौ सेवा कार्यक्रम संपन्न, 200 से अधिक गौमाताओं को कराया गया भोग

इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में 12 दिवसीय बीएड कार्यशाला का समापन, शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण की मिली नई दिशा