बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे मंत्री नंदकिशोर राम, कुलपति ने दिया आमंत्रण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ&period; इन्द्रजीत सिंह ने सोमवार को बिहार सरकार के डेयरी&comma; मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम से शिष्टाचार मुलाकात की&period; इस दौरान कुलपति ने मंत्री को आगामी 22 मई 2026 को आयोजित होने वाले विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुलाकात के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय में संचालित शिक्षण&comma; शोध एवं प्रसार गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी&period; उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा ईटीटी &lpar;एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी&rpar; एवं आईवीएफ &lpar;इन विट्रो फर्टिलाइजेशन&rpar; जैसी आधुनिक पशु प्रजनन तकनीकों का लाभ अब पशुपालकों के द्वार तक पहुंचाया जा रहा है&period; इससे राज्य में वैज्ञानिक एवं उन्नत पशुपालन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि बिहार में डेयरी&comma; मत्स्य एवं पशु चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की अत्यधिक आवश्यकता है&period; उन्होंने पशु जनित खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट पर चिंता जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को इस दिशा में प्रभावी पहल करनी चाहिए&period; साथ ही राज्य सरकार के लिए &OpenCurlyDoubleQuote;थिंक टैंक” के रूप में कार्य करते हुए नीति निर्माण और शोध आधारित सुझाव उपलब्ध कराने की जरूरत है। मंत्री ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण करने की इच्छा भी जताई&period; इस क्रम में उन्होंने मंगलवार को पूर्वाह्न 11&colon;30 बजे विश्वविद्यालय आने की सहमति प्रदान की।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

मारवाड़ी युवा मंच पाटलिपुत्र शाखा ने गौ सेवा कर मनाया विशेष कार्यक्रम

एसडीबी पब्लिक स्कूल में मदर्स डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों ने मां के प्रति जताया प्रेम और सम्मान

परिस्थितियों से निराश होना आस्था के विरुद्ध, सत्य और ईमानदारी पर डटे रहना जरूरी : हज़रत अमीर शरीयत