परिस्थितियों से निराश होना आस्था के विरुद्ध, सत्य और ईमानदारी पर डटे रहना जरूरी : हज़रत अमीर शरीयत

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>इमारत ए शरिया के अमीर शरीयत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने कहा है कि बदलते हालात और बढ़ती कठिन परिस्थितियों से डरकर निराश होना तथा सत्य और ईमानदारी से पीछे हट जाना आस्था की आवश्यकताओं के विरुद्ध है&period; उन्होंने कहा कि कठिन समय में भय और हताशा के बजाय विवेक&comma; सूझबूझ और साहस के साथ हालात का सामना करना चाहिए तथा सत्य पर मजबूती से कायम रहना चाहिए। उन्होंने ये बातें 9 मई को कैमूर जिले के भभुआ शहर तथा 10 मई को रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन में आयोजित ऐतिहासिक आम सभाओं को संबोधित करते हुए कही&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भभुआ में राजुन्ती वाटिका रामपुर कॉलोनी तथा डेहरी ऑन सोन में इंजीनियर ललन सिंह स्पोर्ट्स क्लब जाकी बीघा परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हज़रत अमीर शरीयत ने अपने संबोधन में मुसलमानों की वर्तमान शैक्षिक&comma; आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में उपेक्षा ने समाज को काफी पीछे धकेल दिया है&period; उन्होंने नई जागरूकता और संगठित प्रयासों के साथ आगे बढ़ने की अपील की ताकि शिक्षा&comma; स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती के क्षेत्र में समाज को सशक्त बनाया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुफ्ती मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी ने आपसी एकता को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि इमारत ए शरिया पूरे समाज को अल्लाह के आदेशों के आधार पर एकजुट देखना चाहती है&period; उन्होंने महिलाओं को शरिया के अनुसार विरासत में हिस्सा देने की आवश्यकता पर बल दिया और समाज से सूदखोरी जैसी बुराइयों से बचने की अपील की। वहीं मुफ्ती मुहम्मद अनज़र आलम कासमी ने कुरान की शिक्षा और हिफ्जे कुरान की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो व्यक्ति कुरान को अपने सीने में सुरक्षित कर लेता है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वह सम्मान और महानता का पात्र बन जाता है&period; उन्होंने मदरसा फलाह दरीन के विद्यार्थियों और शिक्षकों की सराहना की। मुफ्ती मुहम्मद सोहराब नदवी ने दहेज&comma; तिलक&comma; नशाखोरी&comma; जुआ और मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया&period; वहीं मौलाना अहमद हुसैन कासमी मदनी ने बच्चों की धार्मिक और नैतिक शिक्षा को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया&period; कार्यक्रम के दौरान मदरसा फलाह दरीन डेहरी ऑन सोन के 22 से अधिक छात्रों की दस्तारबंदी भी की गई&period; रोहतास के काजी शरीयत मौलाना एहसान-उल-हक कासमी ने हज़रत अमीर शरीयत को प्रशस्ति पत्र भेंट किया&period; सभा में बड़ी संख्या में उलेमा&comma; बुद्धिजीवी&comma; सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पटना में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित, अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था पर विशेष जोर

मंगल तालाब में डूब रहे युवक की ASI रामजी ने बचाई जान

प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के 15वे वर्षगांठ का उद्घाटन बिहार के शिक्षा मंत्री आगामी 17 मई को करेंगे