पुत्र हो तो भक्त प्रह्लाद जैसा, अच्छे कर्मों का फल सदैव सकारात्मक मिलता है : पंडित देवकीनंदन भारद्वाज महाराज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। पटना के पैठानी नत्थुपुर सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 विष्णु यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी&period; कथा व्यास पंडित देवकीनंदन भारद्वाज महाराज ने भगवान विष्णु और भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए कहा कि पुत्र हो तो भक्त प्रह्लाद जैसा&comma; जिसने अपने ऊपर हुए अत्याचारों के बावजूद भगवान नरसिंह से अपने पिता के कल्याण और स्वर्ग में स्थान देने की प्रार्थना की थी&period; यही सच्ची भक्ति&comma; क्षमा और सनातन धर्म की महानता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों पर विश्वास रखना चाहिए&period; यदि व्यक्ति निष्ठा और ईमानदारी के साथ अच्छे कर्म करता है तो उसका फल निश्चित रूप से सकारात्मक मिलता है। उन्होंने कहा कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां और परेशानियां आएं&comma; लेकिन सत्य और धर्म के मार्ग से कभी विमुख नहीं होना चाहिए&period; अच्छे कर्म ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से परिवार&comma; समाज&comma; देश और मानवता की भलाई के लिए कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार हैं और धर्म की रक्षा के लिए समय-समय पर अवतार लेते हैं&period; श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य&comma; सेवा&comma; त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है&period; कथा स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के जयकारों के साथ कथा का रसपान किया।<&sol;p>&NewLine;

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