“शहर जिंदा करो” – श्रीजल गुप्ता की पहल पर शहर को मिले पोर्टेबल टॉयलेट; व्यापार मंडल के सहयोग से तय होंगे स्थान

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पठानकोट&comma; कंवल रंधावा।<&sol;strong> पठानकोट को स्वच्छ&comma; सुलभ और गरिमापूर्ण शहर बनाने के संकल्प के साथ चल रहे नागर्गा-रक अभियान &&num;8220&semi;शहर जिंदा करो&&num;8221&semi; के अंतर्गत सामाजिक कार्यकर्ता श्रीजल गुप्ता ने एक और सार्थक पहल को मूर्त रूप दिया है। उनके नेतृत्व और प्रयासों से शहर के व्यस्ततम इलाकों में आम नागरिकों की एक बुनियादी जरूरत को ध्यान में रखते हुए पोर्टेबल टॉयलेट उपलब्ध करा दिए गए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह श्रीजल गुप्ता की उसी दूरदृष्टि का परिणाम है&comma; जिसके तहत वे लंबे समय से शहर की बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक गरिमा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सक्रिय रहे हैं। इन पोर्टेबल टॉयलेट को शहर के किन-किन हिस्सों में स्थापित किया जाए यह व्यापार मंडल के सहयोग और मार्गदर्शन से तय किया जाएगा&comma; ताकि जिन बाजारों और इलाकों में नागरिकों&comma; दुकानदारों और राहगीरों को इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है&comma; वहाँ इन्हें प्राथमिकता पर लगाया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एक मूक तकलीफ&comma; जिसे श्रीजल गुप्ता ने पहचाना<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शहर के बाजारों&comma; मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ और सुलभ शौचालयों की कमी बरसों से एक गंभीर समस्या बनी हुई थी। विशेष रूप से महिलाओं&comma; बुजुर्गों और दिनभर सड़क पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह एक रोजमर्रा की कठिनाई थी&comma; जिस पर अक्सर खुलकर बात नहीं होती। श्रीजल गुप्ता ने इसी मूक तकलीफ को पहचाना और श्शहर जिंदा करोर अभियान के माध्यम से इसे प्राथमिकता पर रखते हुए ठोस कदम उठाया।<&sol;p>&NewLine;

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