दिव्यांगों के सम्यक पुनर्वास के लिए अलग विभाग का गठन आवश्यक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> बेउर स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन ऐंड रिसर्च में विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में विशेषज्ञों ने कहा कि बिहार में दिव्यांगजनों के समुचित पुनर्वास के लिए एक अलग विभाग का गठन अत्यंत आवश्यक है&period; उन्होंने बताया कि तीन नए विभाग—युवा&comma; रोजगार एवं कौशल विकास&comma; उच्च शिक्षा और नागर विमानन—के गठन की घोषणा करके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सराहनीय कदम उठाया है&period; लेकिन दिव्यांगजनों को सक्षम बनाने और उनके पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक-प्रमुख डॉ&period; अनिल सुलभ ने कहा कि वर्षों से दिव्यांगजनों के लिए एक अलग विभाग की मांग की जा रही है&period; इसके अभाव में वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है&period; उन्होंने बताया कि पुनर्वास-विज्ञान में हुए प्रगति से लकवे के रोगी ठीक हो रहे हैं&comma; पैरों से विकलांग लोग आधुनिक कृत्रिम पैर और कैलिपर की मदद से चलने-दौड़ने में सक्षम हो रहे हैं&period; गूंगे-बहरे बोल और सुन सकते हैं तथा हकलाने वाले स्पष्ट रूप से बोल पा रहे हैं&period; लेकिन बड़ी संख्या में पीड़ित लोग सही मूल्यांकन और उपचार से वंचित हैं&period; अलग विभाग बनने से योजनाओं का क्रियान्वयन और निगरानी आसान होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विशिष्ट अतिथि और &&num;8216&semi;आशा-स्कूल&&num;8217&semi;&comma; दानापुर छावनी की प्राचार्या कल्पना झा ने कहा कि विशेष बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सामान्य और सहज व्यवहार सबसे अधिक जरूरी है&period; उन्हें यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उन्हें अलग नजर से देखा जाता है&period; सहज व्यवहार से हीनभावना दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में फ़िज़ियोथेरापी विभाग की अध्यक्ष डॉ&period; रूपाली भोवाल&comma; प्रो&period; संजीत कुमार और डॉ&period; नवनीत कुमार ने भी अपने विचार रखे&period; कार्यक्रम का संचालन डॉ&period; संतोष कुमार सिंह ने किया&period; धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के छात्र-कल्याण संकायाध्यक्ष अधिवक्ता अहसास मणिकांत ने किया। इस अवसर पर डॉ&period; आदित्य कुमार ओझा&comma; प्रो&period; मधुमाला&comma; प्रो&period; चंद्रा आभा&comma; प्रो&period; देवराज&comma; डॉ&period; शौर्या साह&comma; प्रो&period; शालिनी कुमारी और बेबी कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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