अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन सप्ताह 2025 एम्स पटना में विशेष कार्यक्रम, दिव्यांगजन के बीच व्हीलचेयर और कृत्रिम अंग वितरित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन सप्ताह 29 नवंबर से 4 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग &lpar;PMR&rpar; द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल थे। कार्यक्रम में बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग की सचिव बंधना प्रेयसी&comma; एम्स नई दिल्ली के PMR विभागाध्यक्ष डॉ&period; संजय वाधवा&comma; JIPMER पुडुचेरी के PMR विभागाध्यक्ष प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; नवीन कुमार सहित AIIMS पटना के कई वरिष्ठ प्रोफेसर एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;12&sol;img-20251201-wa00145366064425664302216&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-77681" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन शामिल हुए। इस अवसर पर AIIMS पटना की ओर से 10 व्हीलचेयर&comma; 6 कृत्रिम अंग &lpar;प्रोस्थेसिस&rpar; और 6 ऑर्थोसिस का वितरण किया गया। यह सहयोग पाकर लाभार्थी काफी उत्साहित दिखे। कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने दिव्यांगजनों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना और कहा कि &OpenCurlyDoubleQuote;आपका आत्मबल ही आपकी सबसे बड़ी शक्ति है।” उपस्थित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने दिव्यांगजनों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>AIIMS पटना का PMR विभाग हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन सप्ताह मनाता है। इस दौरान समाज में दिव्यांगता के प्रति जागरूकता बढ़ाने&comma; आवश्यक परामर्श&comma; सहायता और पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी जन-जागरूकता गतिविधियाँ&comma; स्वास्थ्य परामर्श शिविर&comma; सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम और विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन सह-आयोजक सचिव डॉ&period; सन्याल कुमार ने किया&comma; जबकि स्वागत भाषण एवं समापन संबोधन आयोजक सचिव डॉ&period; अंजनी कुमार ने दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बार एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के तहत एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बिहार में दिव्यांगता मूल्यांकन एवं प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक&comma; पारदर्शी और समान बनाना है&comma; ताकि प्रत्येक दिव्यांगजन को सटीक प्रमाणन और उचित पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।<&sol;p>&NewLine;

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