विधिक सेवा प्राधिकरण अररिया के द्वारा महिला दिवस पर महिला सशक्तिकरण पर जानकारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>भरगामा&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> प्रखंड के कुश्मौल पंचायत में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंचायत सरकार भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण&comma; पटना के दिशानिर्देशों और अररिया जिला अवर न्यायाधीश सह सचिव रोहित श्रीवास्तव के निर्देशन में हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण&comma; के पैनल अधिवक्ता श्री राहुल रंजन ने कार्यक्रम का संचालन किया।<br>कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने भ्रूण हत्या और सती प्रथा जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाई शिविर में महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006&comma; घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005&comma; भरण-पोषण के अधिकार और कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न &lpar;रोकथाम&comma; निषेध और निवारण&rpar; अधिनियम 2013 शामिल थे। इन अधिनियमों में सजा के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया। अररिया में आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने की। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस बैठक में पीएलवी मदन मुरारी&comma;पंचायत के मुखिया&comma; भागवत दास&comma; सरपंच राजीव कुमार यादव एवं पंचायत के जनप्रतिनिधि &comma;वार्ड सदस्यों के साथ महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यवहार न्यायालय परिसर में लगने वाली लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना था।बैठक में मौजूद लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए&comma; ताकि सुलह-समझौते के आधार पर लंबित मामलों को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार&comma; यह लोक अदालत पूरे देश में एक साथ आयोजित की जा रही है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसका मुख्य फोकस गरीब&comma; मध्यम वर्ग और आम जनता को सस्ता&comma; तेज और सरल न्याय उपलब्ध कराना है बताया गया कि लोक अदालत में आपराधिक शमनीय मामले&comma; सिविल विवाद&comma; मोटर दुर्घटना दावा&comma; बैंक ऋण वसूली&comma; चेक बाउंस&comma; पारिवारिक विवाद&comma; श्रम विवाद&comma; बिजली-पानी बिल&comma; परिवहन चालान&comma; माप-तौल संबंधी शिकायतें&comma; वन-खनन मामले और अन्य प्री-लिटिगेशन मामले सुलझाए जा सकते हैं। समझौते पर आधारित फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है&comma; जिससे अदालती चक्करों से छुटकारा मिलता है और समय व धन की बचत होती है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने बताया कि लोक अदालत गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वरदान साबित होती है&comma; क्योंकि यहां कोई कोर्ट फीस नहीं लगती और मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध होती है स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे अपने लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाये&comma; ताकि विवादों का भी सुलह से निपटारा हो सके। पक्षकारों से अपील की कि वे 14 मार्च को व्यवहार न्यायालय परिसर पहुंचें और अपने लंबित मामलों को सुलझाने का प्रयास करें। यह बैठक लोक अदालत की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है&comma; जो न्याय व्यवस्था को तेज और सुलभ बनाने की दिशा में अररिया जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।<br>कार्यक्रम के अंत में&comma; ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर उपस्थित लोगों को जागरूक किया। महिलाओं को भी उनके अधिकार की जानकारी मिली।<&sol;p>&NewLine;

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